जौनपुर 26 अप्रैल (आरएनएस)। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में परीक्षाएं अब पारंपरिक प्रणाली के माध्यम से ही आयोजित की जाएंगी। विश्वविद्यालय के कुलपति ने मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन आधारित परीक्षा और मशीन से मूल्यांकन प्रणाली के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।इस निर्णय के बाद, विश्वविद्यालय में मूल्यांकन कार्य पहले की तरह ही पारंपरिक तरीके से जारी रहेगा। कुलपति के इस कदम से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें एमसीक्यू आधारित मूल्यांकन प्रणाली को लागू करने की बात कही जा रही थी।शैक्षणिक हलकों में समय-समय पर एमसीक्यू आधारित परीक्षा और मशीन से मूल्यांकन प्रणाली को लेकर चर्चा होती रही है। इस व्यवस्था का एक प्रमुख लाभ यह माना जाता है कि इससे परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कम समय में तैयार हो सकते हैं और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम रहती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रणाली को लागू करने के लिए विश्वविद्यालय को ओएमआर मशीन, स्कैनर, सॉफ्टवेयर और अन्य तकनीकी संसाधनों पर पर्याप्त खर्च करना पड़ सकता है। वर्तमान में मूल्यांकन कार्य पारंपरिक तरीके से ही होता है, जिसमें इन संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

