प्रयागराज 26 अप्रैल (आरएनएस)। शारीरिक रूप से दिव्यांग क्रिकेट खिलाडिय़ों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने, उनका मनोबल सशक्त करने और उन्हें विश्व स्तर पर प्रदर्शन का अवसर उपलब्ध कराने वाले प्रसिद्ध समाजसेवी एवं दिव्यांग क्रिकेट प्रमोटर हारून रशीद को अमेरिकन यूनिवर्सिटी द्वारा मानद डॉक्टरेट (ऑनरेरी डॉक्टरेट) की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान नई दिल्ली स्थित साईं सदन, लोधी रोड में आयोजित गरिमामयी समारोह में प्रदान किया गया।
यह सम्मान हारून रशीद को दिव्यांग क्रिकेट के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान, समर्पित समाजसेवा और शारीरिक रूप से दिव्यांग खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों, शिक्षाविदों और खेल जगत से जुड़े लोगों ने हारून रशीद के कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। सम्मान प्राप्त करने के बाद भावुक होते हुए हारून रशीद ने कहा कि मैं जो कार्य कर रहा हूं, वह किसी पुरस्कार या सम्मान के लिए नहीं, बल्कि इंसान होने के अपने कर्तव्य को निभाने के लिए कर रहा हूं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मुझे इतना बड़ा सम्मान मिला है। कुछ दिन पहले तक मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जो इस मिशन में मेरे साथ खड़े हैं- मेरे सहयोगियों का, मेरे खिलाडिय़ों का और उन सभी शुभचिंतकों का, जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया।
उन्होंने आगे कहा कि एक समय ऐसा था जब दिव्यांग क्रिकेट खिलाडिय़ों को स्वयं इस बात पर विश्वास नहीं था कि एक दिन उनकी भी भारतीय टीम बनेगी, उन्हें भी देश के लिए खेलने का अवसर मिलेगा। लेकिन एक सकारात्मक सोच, सतत प्रयास और दृढ़ संकल्प ने आज उस सपने को साकार कर दिया। आज दिव्यांग क्रिकेट एक मजबूत आंदोलन बन चुका है और हजारों खिलाडिय़ों के जीवन में नई आशा का संचार कर रहा है।
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