लेखपाल को निलंबित कर उसी के वेतन से पीडि़ता का करे भवन निर्माण
प्रयागराज 26 अप्रैल (आरएनएस)। लेखपाल की गलत रिपोर्ट से विकासखंड शंकरगढ़ के थाना लालापुर स्थित ग्रामसभा जोधी मझियारी में लेखपाल गाटा नम्बर 13 जिसे सार्वजनिक रास्ते की जमीन बताकर चार पीढ़ी पूर्व से निवास करते रहे चले आ रहे राममिलन पुत्र भगवान दीन द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण पर सोमवार को तहसील प्रशासन बारा ने जेसीबी चलवाकर भवन ध्वस्त कर अतिक्रमण हटवा दिया। यह कार्यवाही उपजिलाधिकारी बारा डा. गणेश कनौजिया के निर्देश पर की गई थी।
सोमवार को नायब तहसीलदार बारा विजय कुमार की अगुवाई में राजस्व टीम एवं लालापुर पुलिस की संयुक्त उपस्थिति में जेसीबी मशीन के माध्यम से अतिक्रमण हटवाया गया। कार्यवाही के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
दूसरी ओर पीडि़त का कहना है कि अगर पीडि़त पूर्वजों के समय से पीढ़ी दर पीढ़ी सैकड़ों वर्षों से आवास बनाकर निवास करता रहा चला आ रहा था तो ग्रामीणों को आने जाने की दिक्कत दो वर्षों से ही क्यों होने लगी। अगर पीडि़ता गाटा संख्या 13 पर अतिक्रमण कर आवास बनकर रह रहा था तो ग्रामीणों की शिकायत पर तहसील प्रशासन पुलिस बल की उपस्थिति में पीडि़त के घर पर ही जेसीबी चलाकर घर ध्वस्त करा दिया किंतु पीडि़त गांव के बगल के पड़ोसी श्याम लाल पुत्र राम भरोसे, सुरेश पुत्र मोलई, उत्तम मिश्रा, ध्रुव मिश्रा पुत्रगण मूलचंद्र मिश्रा और लड्डू मिश्रा पुत्र राम सुन्दर मिश्रा आदि भी गाटा संख्या 13 पर अतिक्रमण किए है तो उनके घर पर जेसीबी चलाकर मकान ध्वस्त कर अतिक्रमण मुक्त क्यों नहीं किया गया ?
पीडि़त पक्ष की मांग है कि या तो गलत रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल को निलंबित किया जाय और पीडि़त के ध्वस्तीकरण घर को लेखपाल के वेतन से बनवाया जाय नहीं तो पीडि़त सपरिवार आज लखनऊ के लिए रवाना होगी और कल 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होगी।
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