धमतरी 28 अप्रैल (आरएनएस) बस स्टैंड में जब पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक सघन जांच शुरू की तो कई बस संचालकों की लापरवाही खुलकर सामने आ गई, 28 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान का मकसद साफ था—यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, टीम ने एक-एक बस की बारीकी से जांच की, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी एग्जिट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरणों की मौजूदगी ही नहीं बल्कि उनकी कार्यशील स्थिति भी परखी गई, करीब 35 से 40 बसों की जांच के दौरान 10 बसें गंभीर खामियों के साथ पकड़ी गईं, कहीं फर्स्ट एड बॉक्स गायब मिला, कहीं फायर एक्सटिंग्विशर बेकार पड़ा था तो कहीं इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था ही नहीं थी, यह लापरवाही सीधे यात्रियों की जान को जोखिम में डालने वाली थी, पुलिस ने बिना देरी किए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए ₹5100 का समन शुल्क वसूला और परिवहन विभाग ने भी 10 बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिलने पर अलग से चालानी कार्रवाई की, मौके पर ही बस संचालकों और ड्राइवरों को सख्त हिदायत दी गई कि सभी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से दुरुस्त रखें, वरना आगे और कड़ी कार्रवाई तय है, इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि धमतरी में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन हर हाल में कराना पुलिस की प्राथमिकता है, बहरहाल यह जांच अभियान एक चेतावनी है कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर अब सीधा एक्शन होगा और नियम तोड़ने की कीमत चुकानी ही पड़ेगी।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

