हरदोई 29 अप्रैल (आरएनएस )। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जनपद हरदोई में 36,230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 594 किलोमीटर लंबे मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे से संबंधित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण किया तथा प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।प्रधानमंत्री ने नृसिंह भगवान की भूमि को नमन करते हुए कहा कि यहाँ माँ गंगा अपनी कृपा बहाती हुई गुजरती हैं और यह क्षेत्र किसी तीर्थ से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को गंगा एक्सप्रेस-वे का वरदान माँ गंगा के आशीर्वाद के समान है। अब लोग कुछ ही घंटों में संगम पहुँच सकेंगे और काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के दर्शन कर वापस लौट सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माँ गंगा हजारों वर्षों से देश और प्रदेश की जीवन रेखा रही हैं, उसी प्रकार यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के विकास की नई लाइफ-लाइन बनेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश के एक छोर को दूसरे छोर से जोडऩे के साथ-साथ एनसीआर की संभावनाओं को भी समीप लाएगा। इस पर वाहनों की आवाजाही के साथ-साथ एक्सप्रेस-वे के किनारे नए औद्योगिक अवसर विकसित होंगे। हरदोई सहित अन्य जनपदों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे हरदोई, उन्नाव और शाहजहांपुर सहित 12 जनपदों में नए उद्योग स्थापित होंगे। फार्मा और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में क्लस्टर विकसित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि लगभग 600 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों—मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज—के करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आएगा। इस क्षेत्र की उपजाऊ भूमि और कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने में आसानी होगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2021 में शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया गया था और पाँच वर्ष से कम समय में उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि इसके विस्तार की योजना पर भी कार्य शुरू हो चुका है और भविष्य में यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से आगे हरिद्वार तक जोड़ा जाएगा। साथ ही फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे के माध्यम से इसे अन्य एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे छोटे उद्योगों और एमएसएमई को भी लाभ मिलेगा। मेरठ के खेल सामान, संभल के हैंडीक्राफ्ट, बुलंदशहर के सेरेमिक, हरदोई के हैंडलूम, उन्नाव के लेदर और प्रतापगढ़ के आंवला उत्पाद देश-विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुँच सकेंगे, जिससे लाखों परिवारों की आय बढ़ेगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, जिसे कभी बीमारू राज्य कहा जाता था, आज वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है और नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में हो रहा विकास भविष्य में युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री की विराट सोच के अनुरूप गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन प्रदेश के आर्थिक विकास को नई उड़ान देगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर, कृषि विकास तथा युवाओं के रोजगार के नए अवसरों को गति देगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए लगभग 18 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है और इसके किनारे विकसित किए जा रहे इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिए लगभग 7 हजार एकड़ भूमि अलग से चिन्हित की गई है। इससे प्रदेश में नए निवेश और रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नन्दीÓ, समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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