लखनऊ 29 अप्रैल (आरएनएस ) । पर्यटन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत देवी पाटन मंडल के जनपद बलरामपुर की विभिन्न विधानसभाओं में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए 7 करोड़ 86 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस धनराशि के माध्यम से विभिन्न धार्मिक स्थलों का सौन्दर्यीकरण कराया जाएगा तथा उनके आसपास आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इस कार्य के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। संबंधित संस्था को निर्देश दिए गए हैं कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर तथा गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए पूरा किया जाए।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बलरामपुर सदर क्षेत्र के अंतर्गत गिधरैया तहसील मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 68 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र के पचपेड़वा के ग्राम इमिलिया कोडर में ग्रामीण पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी विधानसभा क्षेत्र में स्थित भियूरा बाबा स्थल के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये तथा उतरौला क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पर्यटन विकास के लिए भी 1 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से इन क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की संभावना है।पर्यटन मंत्री ने आगे बताया कि तुलसीपुर क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। तुलसीपुर के शिव मंदिर गनवरिया के पर्यटन विकास के लिए 2 करोड़ 35 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही तुलसीपुर नगर पंचायत के मुख्य मार्गों पर आकर्षक सजावटी प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने के लिए 1 करोड़ 15 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त तुलसीपुर नगर पंचायत के प्रमुख मार्गों के दोनों ओर भित्ति चित्र दीवारों का निर्माण कराने के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे क्षेत्र की सौन्दर्यता और आकर्षण में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश में आस्था से जुड़े धार्मिक स्थलों का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक जनपद की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उनके गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इसी दिशा में पर्यटन विकास की विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा रही है, ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जा सके।पर्यटन मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य ऐसे धार्मिक स्थलों का विकास करना है, जो अभी तक व्यापक रूप से प्रसिद्ध नहीं हो सके हैं। इन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी तथा अधिक संख्या में पर्यटकों के आगमन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही श्रद्धालुओं को आस्था स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
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