आजमगढ़ 29 अप्रैल (आर एन एस)जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 8 वर्ष के सश्रम कारावास और 3,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।मामला थाना तहबरपुर क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 5 मई 2018 को कैलाश पुत्र लालचंद निवासी अमौला बुजुर्ग, थाना आलापुर (जनपद अम्बेडकर नगर) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बहन की शादी 15 दिसंबर 2017 को हुई थी, जिसके बाद उसके ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर प्रताडि़त किया गया और अंतत: उसकी हत्या कर दी गई।इस मामले में आरोपी सुबाष पुत्र स्वर्गीय त्रिभुवन निवासी तरौंधी, थाना तहबरपुर (जनपद आजमगढ़) के खिलाफ थाना तहबरपुर में मुकदमा संख्या 42/2018 के तहत धारा 498्र, 304क्च भारतीय दंड संहिता एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।पुलिस द्वारा विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के दौरान 8 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-1, आजमगढ़ ने 29 अप्रैल 2026 को आरोपी को दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
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