गुरदासपुर (पंजाब),02 मई (आरएनएस)। गुरदासपुर जिले से हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक प्राइवेट स्कूल के 15 साल के छात्र ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया. जानकारी के मुताबिक, स्कूल के टीचर ने उसे छोटी सी गलती के लिए कड़ी सजा दी और 2 पीरियड तक धूप में खड़ा रखा, जिससे दुखी होकर नाबालिग छात्र ने सुसाइड कर लिया. मौके पर मौजूद साथी छात्रों ने स्कूल प्रबंध की ज्यादती के बारे में बताया.
यह घटना ब्लॉक काहनूवान के गांव झंडा लुबाना की है. 15 वर्षीय छात्र पास के शहर दसूहा के एक मशहूर स्कूल में पढ़ता था. 27 अप्रैल को स्कूल के टीचर्स ने छोटी सी गलती के लिए उसे कड़ी सजा दी और 2 पीरियड तक धूप में खड़ा रखा. इससे परेशान होकर किशोर ने कोई जहरीली पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और शुक्रवार 1 मई को उसकी मौत हो गई.
मृतक छात्र के एक साथी ने बताया कि ‘घटना वाले दिन वह मेरे पास आया और एक दोस्त से मिलने की बात कही. हम दोनों दोस्त से मिलने जा रहे थे, तभी मैडम ने उसे देख लिया और 2 पीरियड धूप में खड़ा कर दिया. जिसके बाद उसने यह कदम उठाया.’
वहीं, एक अन्य स्टूडेंट ने कहा कि स्कूल के टीचर अक्सर हमें मारते-पीटते हैं. कभी पगड़ी के रंग को लेकर सजा देते हैं तो कभी छोटी-छोटी बातों पर धमकाते हैं. स्कूलों में इस तरह की सख्ती कम होनी चाहिए ताकि कोई और छात्र ऐसी स्थिति का सामना न करे.
15 साल के मासूम बेटे का अंतिम संस्कार करते समय पीडि़त परिवार टूट गया. वहीं, इस घटना को लेकर गांव वालों में गुस्सा है. गांव के रहने वाले मंजीत सिंह ने कहा कि ‘स्कूल की मैडम ने हमारे साथ धक्का-मुक्की की है. आज बच्चे की जान गई है, कल किसी और के साथ भी ऐसा हो सकता है, इसलिए परिवार को इंसाफ देते हुए पुलिस को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चा बहुत मासूम और संस्कारी था, वह पढ़ाई से लेकर खेलकूद तक में बहुत अच्छा था. स्कूल प्रबंधन के दबाव के कारण एक परिवार उजड़ गया है.
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