लखनऊ, 04 मई 2026। प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधानसभा स्थित समिति कक्ष में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों और बैंकों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाया जाए। इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के डेटा का उपयोग कर अधिक से अधिक किसानों को केसीसी से जोडऩे पर बल दिया गया। साथ ही फार्मर आईडी के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में केसीसी खातों का नवीनीकरण लंबित है और कई खाते एनपीए की श्रेणी में पहुंच गए हैं। इस पर मंत्री ने बैंक और विभागीय अधिकारियों को संयुक्त अभियान चलाकर किसानों को समय से ऋण अदायगी के लिए प्रेरित करने तथा लंबित खातों को नियमित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 15 मई से विशेष अभियान चलाकर नए केसीसी जारी करने और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोडऩे को कहा।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि किसानों को समय पर ऋण भुगतान करने पर मिलने वाली ब्याज छूट की जानकारी दी जाए। इसके लिए बैंक शाखाओं में जागरूकता बढ़ाने, नोटिस बोर्ड लगाने और किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें लाभ समझाने पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन किसानों का प्रीमियम काटा गया है, उनका बीमा सुनिश्चित किया जाए और उसका पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जाए। अधिकारियों को बीमा कवरेज, दावों और लाभार्थियों का स्पष्ट डेटा तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो।
बैठक में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड सहित अन्य योजनाओं की धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई गई। मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों को अनुदान और ब्याज में छूट दे रही हैं, ऐसे में बैंकों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए कृषि निवेश को बढ़ावा देना चाहिए और ऋण वितरण में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए।
मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

