लखनऊ, 04 मई 2026। प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधानसभा स्थित समिति कक्ष में मौसम सूचना एवं नेटवर्क डेटा प्रणाली (ङ्खढ्ढहृष्ठस्) योजना की समीक्षा करते हुए कार्य में अत्यधिक देरी पर गहरी नाराजगी जताई और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सटीक और वैज्ञानिक मौसम आधारित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंच सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना से प्राप्त मौसम डेटा का उपयोग फसल बीमा, आपदा प्रबंधन और कृषि योजना निर्माण में किया जाएगा, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में जानकारी दी गई कि योजना के तहत प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (्रङ्खस्) और ग्राम पंचायत स्तर पर ऑटोमेटिक रेन गेज (्रक्रत्र) स्थापित किए जाने हैं। यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से वर्ष 2024-25 से आगामी पांच वर्षों के लिए लागू की गई है।
मंत्री ने पाया कि निर्धारित समयसीमा के बावजूद एजेंसियों द्वारा कार्य अत्यंत धीमी गति से किया गया है। इस पर उन्होंने संबंधित कंपनियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि तय समय के भीतर कार्य पूरा किया जाए, अन्यथा ब्लैकलिस्टिंग जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित ्रङ्खस् और ्रक्रत्र स्थलों का शीघ्र सत्यापन कर स्थापना कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही 30 मई तक प्रथम चरण का कार्य पूरा करने और प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री शाही ने जिलाधिकारियों के स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर टीम भेजकर स्थलों का सत्यापन कराया जाए और जहां भी समस्या हो, उसका तुरंत समाधान किया जाए।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में मौसम की सटीक जानकारी किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान। ऐसे में इस योजना की सफलता सीधे किसानों के हितों से जुड़ी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

