लखनऊ, 04 मई 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित ‘जनता दर्शनÓ कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित, प्रभावी और न्यायसंगत समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनता दर्शन के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए सैकड़ों लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरण, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन मामलों में आवश्यक हो, वहां मौके पर जाकर निरीक्षण करते हुए पीडि़तों को समयबद्ध राहत दी जाए।
उन्होंने कहा कि पात्र और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचना चाहिए और सरकार जनहित को सर्वोपरि मानते हुए कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि कोई भी फरियादी निराश न लौटे, यही सरकार की प्राथमिकता है।
मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विशेष रूप से उत्पीडऩ और भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों को गंभीरता और संवेदनशीलता से निपटाते हुए आवश्यक होने पर कठोर कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई के दौरान उन्होंने एक-एक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाधान इस प्रकार किया जाए कि पीडि़त को बार-बार भटकना न पड़े। महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर भी जोर दिया गया।
भूमि से जुड़े अधिकांश मामलों में उप मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजी जाए और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

