बलरामपुर,05 मई (आरएनएस)। जिले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे शासकीय सेवा हासिल करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम कोल्हुआ स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक लालमन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।मामले की शुरुआत ग्राम कुशफर निवासी सत्यनारायण की शिकायत से हुई, जिन्होंने 11 अप्रैल 2025 को कलेक्टर के समक्ष दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत कुशफर के सरपंच लालमन सिंह और शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रधान पाठक लालमन सिंह के नाम और पिता के नाम में समानता का गलत फायदा उठाया गया है।
जांच में सामने आया सच
कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच टीम ने जब मामले की पड़ताल की, तो शिकायत सही पाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोल्हुआ में पदस्थ प्रधान पाठक लालमन सिंह का वास्तविक नाम रामदुलार है और उनके पिता का नाम जीतू है। आरोप है कि उन्होंने असली लालमन सिंह के नाम और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का उपयोग कर विभाग को गुमराह किया और सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली।
नियमों का उल्लंघन, निलंबन की कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में इसे ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965Ó के नियम-3 का उल्लंघन बताया गया है। गंभीर कदाचार को देखते हुए आरोपी को ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966Ó के तहत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग सहित प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। विभाग अब मामले में विस्तृत विभागीय जांच की तैयारी कर रहा है।
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