सीतापुर 5 मई (आरएनएस)। जिले में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन की सख्ती एक बार फिर जोरदार तरीके से सामने आई है। खैराबाद थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे के सामने बनी ओम सिटी सहित दो अलग-अलग स्थानों पर बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने करीब 40 बीघा और 12 बीघा, कुल मिलाकर लगभग 55 बीघा जमीन पर फैली अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया, जिसकी अनुमानित कीमत 40 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। जानकारी के अनुसार, ओम सिटी नाम से विकसित की जा रही प्लाटिंग ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में थी, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। शिकायत मिलने के बाद मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडे के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिया। वहीं दूसरी कार्रवाई खैराबाद कस्बे में बीसीएम अस्पताल के सामने की गई, जहां बिना अनुमति लगभग 12 बीघा जमीन पर प्लाटिंग की जा रही थी। प्रशासनिक टीम ने दोनों स्थानों पर बाउंड्री वाल, आंतरिक सड़कों और नालियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी, अवर अभियंता एम.के. मिश्रा, लेखपाल व भारी पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि जिले में कहीं भी अवैध प्लाटिंग या कब्जे की शिकायत मिलने पर इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम जनता से अपील की गई कि जमीन खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है, जबकि स्थानीय लोगों ने इसे जरूरी कदम बताते हुए स्वागत किया है।
इनसेट
पहले कार्रवाई फिर भी नहीं रुके भू-माफिया, अब उठ रहे बड़े सवाल
सीतापुर। खैराबाद में ओम सिटी पर हुई ताजा कार्रवाई ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि इसी स्थान पर दिसंबर 2025 में भी प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया था। उस समय करीब 27 बीघा जमीन पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बावजूद दोबारा 30 से 35 बीघा जमीन पर प्लाटिंग शुरू हो जाना भू-माफियाओं के हौसले की कहानी खुद बयां करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी मिलीभगत से ग्रीन बेल्ट (पी-1) जैसी संरक्षित जमीन पर दोबारा अवैध निर्माण शुरू हो गया? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की अनदेखी या लापरवाही ने भू-माफियाओं को खुली छूट दे दी? प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद दोबारा अवैध प्लाटिंग होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि सिस्टम की कार्यशैली पर भी सीधा सवाल खड़ा करता है। अब जरूरत है कि केवल बुलडोजर चलाने तक ही कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कड़ी जांच और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी भू-माफिया कानून को चुनौती देने की हिम्मत न कर सके।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

