लखनऊ 6 मई (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में वह संविधान और लोकतंत्र की भावना को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत फैलाना और लोगों को बांटना भाजपा का एजेंडा बन गया है, जबकि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए संघर्षरत है।समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के सामने बड़ा लक्ष्य है, जिसे हासिल करने के लिए कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत से जुटना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के झूठ और “वोट की लूट” की साजिशों के प्रति सजग रहते हुए उनका पर्दाफाश करना जरूरी है और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देना है।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग करती है और आम जनता को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां बनाती है। उन्होंने कहा कि महंगाई और मुनाफाखोरी के कारण आम लोग सामाजिक और आर्थिक दबाव झेल रहे हैं, जबकि सरकार बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है।महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि लोकसभा में पारित नारी वंदन अधिनियम का समाजवादी पार्टी ने समर्थन किया था और पार्टी हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए जातीय जनगणना जरूरी है।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान और लोकतंत्र में पूर्ण आस्था रखती है और सामाजिक सद्भाव, समानता तथा सभी को सम्मान देने की पक्षधर है। भाजपा की नीतियों को पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के खिलाफ बताते हुए उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में पीडीए की एकजुट ताकत के सामने भाजपा टिक नहीं पाएगी और सत्ता परिवर्तन निश्चित है।
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