नई दिल्ली ,06 मई (आरएनएस)। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के भारत दौरे को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में गति देने वाला माना जा रहा है. भारत और वियतनाम अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. दोनों देशों के बीच बुधवार को 13 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं.
पीएम मोदी ने बताया कि हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का पुनर्निमाण कर रहे हैं. अब हम चम्पा सभ्यता की मनुस्क्रिप्ट को भी डिजिटलाइज करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढिय़ों के लिए संरक्षित करेंगे.
मोदी ने कहा कि हिंद-प्रशांत के लिए दोनों देशों का नजरिया एक जैसा है और दोनों पक्ष कानून के राज, शांति, स्थिरता और खुशहाली में योगदान देते रहेंगे. ऐसा समझा जाता है कि दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में चीन की बढ़ती मिलिट्री ताकत पर भी चर्चा हुई.
लाम, एक उच्च स्तर प्रतिनिधिमंडल के साथ, मंगलवार को भारत की अपनी तीन दिन की यात्रा पर निकले. इस महीने राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह देश की उनकी पहली सरकारी यात्रा है.
पीएम मोदी ने अपने मीडिया स्टेटमेंट में कहा कि भारत और वियतनाम ने रिश्तों को बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है.
मोदी ने कहा, वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और विजऩ ओशन का एक अहम स्तंभ है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी, हम एक जैसी सोच रखते हैं. उन्होंने कहा, हमारे मजबूत रक्षा और सुरक्षा सहयोग के जरिए, हम कानून के राज, शांति, स्थिरता और खुशहाली में योगदान देते रहेंगे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वियतनाम के सहयोग से आसियान के साथ अपने संबंधों को और बढ़ाएगा. उन्होंने कहा कि वित्तीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए हमने दोनों देशों के सेंट्रल बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है.
उन्होंने कहा कि भारत का यूपीआई और वियतनाम का फास्ट पेमेंट सिस्टम जल्द ही जुड़ जाएगा. अपनी बात में लैम ने कहा कि दोनों पक्ष राजनीतिक विश्वास को गहरा करने और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए.
पिछले साल, दोनों पक्षों ने सबमरीन सर्च, रेस्क्यू और व्यवस्था के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करने के लिए एक आशय का पत्र पर भी हस्ताक्षर किया.
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