नईदिल्ली,15 मई (आरएनएस)। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उमस भरी गर्मी से जूझ रहे केरलम समेत दक्षिण भारत के राज्यों को शुक्रवार को राहत भरी खबर सुनाई है। विभाग ने बताया कि इस साल केरलम में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून समय से 6 दिन पहले 26 मई को पहुंच सकता है। आईएमडी के मुताबिक, अनुमानित तिथि 26 मई है, लेकिन यह 4 दिन आगे-पीछे होकर 22 से 30 मई के बीच आ सकता है। केरलम में आमतौर पर मानसून 1 जून को आता है।
आईएमडी ने बताया कि 2005 से 2025 के बीच पिछले 21 सालों में केरलम में मानसून की तारीख के बारे में आईएमडी के अनुमान सही साबित हुए। सिर्फ 2015 में अनुमान गलत था। पिछले साल मानसून के आगमन का अनुमान 27 मई को था, जबकि आया 24 मई को, इसके पहले 2024 में अनुमान 31 मई को था, जबकि आया 30 मई को था। वर्ष 2020, 2021 और 2023 में मानसून क्रमश: एक, 3 और 8 जून को आया था।
भारत के अलग-अलग राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढऩे की पहचान केरलम में मानसून आने से होती है, जो गर्म और शुष्क मौसम से बरसात के राहत भरे मौसम में ले जाता है। केरलम में 26 मई तक बारिश शुरू होगी तो मानसून कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी समय से पहले पहुंचेगा। हालांकि, इससे पहले मानसून पूर्व बारिश शुरू हो जाएगी।
आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल से पहले 16 मई को अंडमान और निकोबार पहुंचेगा। इसके बाद बंगाल की खाड़ी की मानसून शाखा पूर्वोत्तर राज्य की ओर बढ़ेगा। इसके बाद मानसून पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली तक फैल जाता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून जून से सितंबर तक होता है। उत्तर भारत में यह 15 जुलाई के आसपास पहुंचता है। अभी दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक है।
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