-सरकारी आदेशों के अनुसार यह काम केवल नियमित चिकित्सकों का
अयोध्या ,16 मई (आरएनएस)। जिला चिकित्सालय में संविदा पर तैनात डॉक्टरों ने मेडिको लीगल केस करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि सरकारी आदेशों के अनुसार यह काम केवल नियमित चिकित्सकों का है, न कि संविदा डॉक्टरों का। डॉक्टरों ने 13 मई को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि उन्हें जबरन मेडिको लीगल केस, रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट, बर्न इंजरी, फिजिकल असॉल्ट, गन शॉट, पॉइजनिंग आदि मामलों के इंजरी रजिस्टर में नोटिंग करने और संबंधित दस्तावेज तैयार करने को कहा जा रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत तैनात आकस्मिक चिकित्सकों का काम केवल पीएमएस (नियमित) चिकित्सकों की सहायता करना है, न कि स्वयं मेडिको लीगल केस संभालना। जिला अस्पताल के मुख्य अधीक्षक के मौखिक आदेश पर संविदा डॉक्टरों को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा रही है।
संविदा चिकित्सकों के गवर्नमेंट ऑर्डर में स्पष्ट है कि उन्हें मेडिको लीगल केस नहीं करने हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई कानूनी जटिलता या परेशानी होती है तो उसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ राजेश सिंह से अनुरोध किया है कि सभी संविदा डॉक्टरों को मेडिको लीगल केस न करने का लिखित आदेश जारी किया जाए। पत्र पर डॉ. आशीष पाठक, डॉ. वीरेंद्र वर्मा, डॉ. आशुतोष प्रताप सिंह, डॉ. विशाल चौधरी, डॉ. पंकज कुमार और डॉ. प्रमोद तिवारी समेत छह संविदा डॉक्टरों के हस्ताक्षर हैं।
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