रायगढ़ 19 मई (आरएनएस) ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के करोड़ों के काले खेल पर रायगढ़ पुलिस का ऐसा शिकंजा कसता जा रहा है कि अब फरार सट्टा खाईवाल खुद एसपी ऑफिस पहुंचकर सरेंडर करने लगे हैं, “ऑपरेशन अंकुश” के तहत पुलिस की लगातार कार्रवाई से घबराकर बड़े सट्टेबाज जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने आखिरकार आत्मसमर्पण कर दिया और खुलेआम कहा कि सट्टे का धंधा सिर्फ जेल, बर्बादी और बदनामी तक ले जाता है। रायगढ़ पुलिस की लगातार दबिश, टेक्निकल ट्रैकिंग और हवाला नेटवर्क पर हो रही कार्रवाई के बीच मंगलवार को जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार उम्र 40 वर्ष निवासी गोपी टॉकीज के पास, हेप्पी ट्रेवल्स के बगल रायगढ़ सीधे एसपी कार्यालय पहुंचा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ने कहा कि फरारी के दिनों में वह लगातार डर और तनाव में जी रहा था, परिवार की चिंता उसे खाए जा रही थी और अब वह अवैध सट्टा कारोबार छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहता है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि रायगढ़ पुलिस की निगरानी से बचना आसान नहीं है और अवैध जुआ, सट्टा तथा साइबर अपराध से जुड़े सभी लोग पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार केवल एक सट्टेबाज नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क का बड़ा ऑपरेटर था, जो आरोपी करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल के साथ मिलकर रायगढ़ से लेकर सक्ती, रायपुर, बिलासपुर और दिल्ली तक फैले ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट का संचालन संभाल रहा था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी के संबंध घरघोड़ा में पकड़े गए गौतम भोजवानी और रायपुर के बड़े सट्टा कारोबारियों मोहित सोमानी तथा प्रकाश वाधवानी से थे। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और हवाला लेन-देन में उसकी भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है। दरअसल “ऑपरेशन अंकुश” की शुरुआत 26 अप्रैल को हुई थी जब साइबर सेल, थाना कोतवाली और थाना घरघोड़ा की संयुक्त टीम ने रायगढ़ शहर और घरघोड़ा में एक साथ दबिश देकर ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। कार्रवाई में सोनू देवांगन निवासी नया गंज कोष्टापारा रायगढ़, हर्षित देवांगन निवासी नया गंज कोष्टापारा रायगढ़, भरत गोयल निवासी लैलूंगा रोड घरघोड़ा, गौतम भोजवानी निवासी साईराम कॉलोनी घरघोड़ा, लक्ष्मीनारायण सिदार निवासी वार्ड नंबर 13 घरघोड़ा और सागर गुप्ता निवासी वार्ड नंबर 2 कन्या शाला के पीछे घरघोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मौके से सात मोबाइल फोन, करीब ढाई लाख रुपए कीमत के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 15 हजार 490 रुपए नगद जब्त किए थे। आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 217/2026 और 218/2026 तथा थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 147/2026 और 148/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 और 7 में कार्रवाई की गई थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि पूरा नेटवर्क करन चौधरी और जसमीत बग्गा के इशारे पर चल रहा था। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और फाइनेंशियल एनालिसिस के जरिए पूरे सिंडिकेट की तह तक पहुंचना शुरू किया। जांच में सामने आया कि सट्टे की करोड़ों की रकम सीधे अपने पास रखने के बजाय आरोपी पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और दूसरे कारोबारियों के जरिए कैश डंप करते थे और फिर हवाला चैनलों के माध्यम से रकम आगे ट्रांसफर होती थी। रायगढ़ पुलिस ने पहले करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल को गिरफ्तार किया, फिर कृष्णा प्राइड टावर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल को भी पकड़ा गया, जो ब्लैक मनी को हवाला के जरिए व्हाइट करने का काम कर रहे थे। इस कार्रवाई में पुलिस ने 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपए नगद, नोट गिनने की मशीन, 4 मोबाइल फोन और अन्य सामग्री सहित कुल 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपए की संपत्ति जब्त की थी। इसके बाद पुलिस की टीम गोवा के कैंडोलिम बीच तक पहुंची जहां किराए के विला में मध्य भारत के सबसे बड़े सट्टा नेटवर्क “मन्नु नथनी गैंग” से जुड़े अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू और सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट करते मिले। पुलिस दबिश की भनक लगते ही आरोपी कॉलिंग फोन, लैपटॉप, हिसाब-किताब की डायरी और अहम दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन पुलिस ने मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त कर सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाकर पूछताछ शुरू की। बहरहाल, रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन अंकुश” ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टे की चमक भले करोड़ों की दिखे, लेकिन उसका अंजाम आखिरकार सलाखें, तनाव और बर्बादी ही है।
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