रांची 26 मई (आरएनएस)। एसोसिएशन फॉर परिवर्तन ऑफ नेशन (एपीएनए) की ओर से रांची के जगन्नाथपुर स्लम के बर झोपड़ी क्षेत्र में “वन डे ग्रीन पैरा लीगल वॉलंटियर्स ट्रेनिंग” का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जगन्नाथपुर स्लम से 13 ग्रीन पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने भाग लिया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बस्ती में रहने वाली होनहार महिलाओं एवं युवाओं को कानूनी रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे अपने समाज और आसपास के जरूरतमंद फैमिलीज तक कानूनी सहायता, आवश्यक दस्तावेज़ों और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकें। साथ ही ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से सहयोग और सही जानकारी उपलब्ध कराना भी इस पहल का अहम हिस्सा है। संस्था की प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर सपना गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा गरीब एवं वंचित समुदायों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन सही जानकारी और अंतिम स्तर तक पहुंच की कमी के कारण कई जरूरतमंद परिवार इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। एपीएनए संस्था प्रत्येक परिवार की अलग-अलग जरूरतों को समझते हुए उन्हें लंबे समय तक सहयोग प्रदान करती है, ताकि वे सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें। संस्था का लक्ष्य प्रत्येक परिवार को कम से कम 4 से 5 सरकारी योजनाओं से जोडऩा है।
प्रोजेक्ट मैनेजर मो0 फैज़ान ने बताया कि दस्तावेज़ बनने के बाद परिवारों को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं से जोडऩे का प्रयास किया जाता है। पीएम विश्वकर्मा, पीएम स्वनिधि, पीएमईजीपी, मुद्रा तथा विभिन्न स्किल ट्रेनिंग योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा “ग्रीन पैरा लीगल वॉलंटियर्स (ग्रीन पीएलवीज़)” हैं, जिन्हें समुदाय के भीतर से तैयार किया जाता है। ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं, दस्तावेज़ी प्रक्रिया और सामान्य कानूनी समस्याओं में सहायता प्रदान करते हैं तथा समुदाय और संस्थाओं के बीच एक मजबूत कड़ी का कार्य करते है. इस प्रशिक्षण का संचालन एपीएनए के टीम सदस्य एहतेशाम तथा अरसलान ने किया। प्रशिक्षण में सेक्टर 2 के प्रज्ञा केंद्र संचालक लव कुमार विशेष रूप से उपस्थित हुए और प्रतिभागियों को डिजिटल सेवाओं एवं दस्तावेज़ प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी। इसके अलावा बस्ती की सक्रिय महिलाएं एवं पुरुष जैसे रीमा देव, ललिता कुमारी, अशोक प्रताप सिंह, सुमित हेरहंज, शैली कुमारी के साथ अन्य 13 लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक सही जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में काफी मददगार साबित होंगे।
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