नैनीताल 28 मई (आरएनएस)। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत अब सभी नियमित प्राध्यापकों के लिए परीक्षा ड्यूटी करना अनिवार्य होगा। कुलपति प्रो. डीएस रावत के अनुसार, शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल अध्यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रवेश, परीक्षा और परिणाम जैसे कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।अब तक डीएसबी परिसर नैनीताल और भीमताल परिसर में परीक्षा का अधिकांश कार्यभार संविदा शिक्षकों के भरोसे चल रहा था, जिससे व्यवस्था में असंतुलन पैदा हो रहा था। इस नई व्यवस्था को शिक्षकों की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट (एपीआर) से जोड़ा जाएगा और ड्यूटी पूरी करने पर प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।
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