नई दिल्ली 30 May, (Rns) । एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर सड़कों पर नमाज पढ़ना गलत है तो सभी धर्मों की धार्मिक गतिविधियों पर भी समान रूप से पाबंदियां लागू होनी चाहिए। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला दिया, जो धर्म की स्वतंत्रता और अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने और उसे मानने के अधिकार की गारंटी देता है।
ईद मिलाप’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने तर्क दिया कि नमाज पर लोगों की आपत्तियां एक ‘दोहरे मापदंड’ (double standard) को दर्शाती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अन्य समुदायों द्वारा आयोजित धार्मिक जुलूसों और सभाओं पर इसी तरह की चिंताएं क्यों नहीं उठाई जातीं

