०मजदूर से व्यवसायी बनी सुशीला, 10 हजार के ऋण से खड़ा किया फल का व्यवसाय, आज 50 हजार तक पहुंचा टर्नओवर
रायपुर,1 जून (आरएनएस)। कोरोना महामारी संक्रमण काल में जब पूरा देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, तब संत कबीर दास वार्ड क्रमांक 3 डबरापारा सूर्यानगर गोगांव की महिला श्रमवीर श्रीमती सुशीला जंघेल के लिए पीएम स्वनिधि योजना जीवन बदलने वाली साबित हुई। इस योजना से उन्हें न सिर्फ रोजगार मिला, बल्कि आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच की नई राह भी मिली।लॉकडाउन से पहले श्रीमती सुशीला जंघेल रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती थीं। कोरोना काल में काम बंद होने से परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट आ गया। घर की जमा पूंजी धीरे-धीरे खत्म हो गई। ऐसे समय में नगर पालिक निगम रायपुर की टीम ने उन्हें पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी दी। चॉइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने के कुछ ही दिनों बाद बैंक ऑफ बड़ौदा गुढियारी शाखा से उन्हें 10,000 रुपये का ऋण मिला। इसी पूंजी से उन्होंने सड़क किनारे फल का ठेला लगाया। मेहनत, ईमानदारी और ग्राहक सेवा के बल पर उनका व्यवसाय तेजी से बढ़ा।पहले चरण का ऋण समय पर चुकाने पर उन्हें द्वितीय चरण में 20,000 रुपये और तृतीय चरण में 50,000 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। आज वे फल व्यवसाय के साथ जूता-चप्पल का व्यापार भी शुरू करने की तैयारी में हैं। श्रीमती सुशीला जंघेल ने बताया कि पहले सिर्फ मजदूरी का इंतजार करती थी। पीएम स्वनिधि योजना ने मुझे अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया। आज मैं अपने परिवार की जिम्मेदारी खुद उठा रही हूं। बच्चों की पढ़ाई बिना रुकावट चल रही है। इस योजना ने मेरे विचार बदल दिए और जिंदगी में आगे बढऩे का हौसला दिया।महिला उद्यमी श्रीमती सुशीला जंघेल ने समय पर सहायता पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।
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