जबलपुर 2 जून (आरएनएस)। बरगी बांध से निकली सिंचाई नहरों के किनारे बने मार्गों पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से नहरों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बरगी तहसील के मानेगांव, बढ़ैयाखेड़ा, मुहास, खैरेनी, नारायणपुर, जोधपुर, घाना, तिलवारा, पनागर, पाटन तथा खापागौरी-बरेला-कुंडम क्षेत्र तक फैले नहर नेटवर्क को हाईवा और डंपरों की बेलगाम आवाजाही से नुकसान पहुंच रहा है।
नियमों के अनुसार नहरों के बाजू वाले मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है और केवल विशेष अनुमति की स्थिति में ही ऐसे वाहनों को गुजरने की अनुमति दी जाती है। इसके बावजूद अवैध खनन से जुड़े वाहन धड़ल्ले से इन रास्तों का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुहास से बढ़ैयाखेड़ा क्षेत्र में शासकीय भूमि पर नियम विरुद्ध खुदाई कर खनिज का अवैध उत्खनन किया जा रहा है तथा बिना रॉयल्टी खनिज का परिवहन नहर मार्गों से किया जा रहा है।
पहले भी फूट चुकी है नहर
गौरतलब है कि कुछ समय पहले खापागौरी क्षेत्र में बरगी बांध की एक नहर पुलिया के समीप फूट गई थी। इस घटना से कई गांवों में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई थी तथा किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। उस समय भी ग्रामीणों ने नहर किनारे भारी वाहनों की आवाजाही को हादसे की प्रमुख वजहों में से एक बताया था।
क्षमता से अधिक भार झेल रहे मार्ग
ग्रामीणों का कहना है कि गांवों को जोडऩे वाले छोटे पुल, पुलिया और नहर किनारे बने मार्ग इतने भारी वाहनों का भार उठाने के लिए निर्मित नहीं किए गए हैं। लगातार हाईवा और डंपरों के संचालन से ये संरचनाएं कमजोर हो रही हैं और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ती जा रही है।
अवैध खनन के लिए बना वैकल्पिक रास्ता
जानकारों के अनुसार अवैध खनन में संलिप्त लोग मुख्य सड़कों की बजाय नहर किनारे के कच्चे रास्तों का उपयोग करते हैं, ताकि प्रशासन और जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके। इन मार्गों से खनिज का परिवहन कर शासन को राजस्व हानि पहुंचाई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान रास्ता रोकने के आरोप
पिछली छापामार कार्रवाइयों में यह भी सामने आया कि अवैध खनन में शामिल लोग कार्रवाई की सूचना मिलते ही खाली वाहनों को रास्ते में खड़ा कर जांच टीमों का मार्ग अवरुद्ध कर देते हैं। इससे जेसीबी, पोकलेन और अन्य भारी मशीनों को मौके से हटाने का समय मिल जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए तथा अवैध खनन और खनिज परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बरगी नहर परियोजना को नुकसान से बचाया जा सके।
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