भोपाल 2 जून (आरएनएस)। डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण में हर सीजन नए स्थानीय युवाओं को मौका देने संबंधी राज्य सरकार के आदेश के विरोध में मंगलवार को प्रदेशभर के लोकल यूथ सर्वेयर भोपाल पहुंच गए। रानी कमलापति स्टेशन से रैली निकालते हुए सर्वेयर चार इमली स्थित राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के बंगले पहुंचे और सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार के नए आदेश से वर्षों से सर्वेक्षण कार्य कर रहे हजारों युवाओं का रोजगार छिन जाएगा। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद राजस्व मंत्री ने प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी मांगों पर विचार और सेवा बहाली का भरोसा दिया।
29 अप्रैल 2026 को भू-अभिलेख एवं भू-संसाधन प्रबंधन विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए थे कि डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण में एक ही स्थानीय युवा को लगातार काम न दिया जाए। आदेश के अनुसार जायद, खरीफ और रबी सीजन में अलग-अलग पंजीकृत युवाओं को मौका दिया जाएगा।
सरकार का तर्क है कि इससे अधिक युवाओं को रोजगार और डिजिटल कार्यों का अनुभव मिलेगा, लेकिन सर्वेयरों का कहना है कि इससे पहले से कार्यरत युवाओं की आय का प्रमुख स्रोत खत्म हो जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान सर्वेयर राजस्व मंत्री के बंगले के बाहर सड़क पर बैठ गए और तब तक नहीं हटे जब तक मंत्री उनसे मिलने नहीं पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि आदेश वापस लेने की लिखित घोषणा चाहते हैं। उनका कहना था कि कई युवाओं ने वर्षों तक डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का काम कर अनुभव हासिल किया है और अब उन्हें बाहर किया जा रहा है।
धरने में शामिल कर्मचारी संगठनों ने केवल सेवा बहाली ही नहीं, बल्कि सर्वेयरों के लिए नियमित मासिक मानदेय तय करने की भी मांग उठाई। अस्थाई और आउटसोर्स कर्मचारी संगठनों का कहना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगे युवाओं को सीजन आधारित भुगतान के बजाय स्थायी आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। उनका तर्क है कि खेती और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े इस काम में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार हो चुका है, जिसे हटाना उचित नहीं होगा।
धरना समाप्त कराने पहुंचे राजस्व मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। मंत्री ने प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कहा कि विषय पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जरूरत पडऩे पर इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में भी उठाया जाएगा। मंत्री के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौटे, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आदेश वापस नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की अगली रणनीति बनाई जाएगी।

