नईदिल्ली,06 जून(आरएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। इसमें शामिल होने के लिए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी अमेरिका से दिल्ली पहुंचे हैं। ये प्रदर्शन पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बडिय़ों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है। इस दौरान जंतर-मंतर पर हजारों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक शख्स कॉकरोच मारने वाला हिट लेकर पहुंचा। इसके बाद उसे प्रदर्शन स्थल से बाहर निकाला गया। दिपके के महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर की सुरक्षा बढ़ाई गई है। वहां 10 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ वीडियो में मीडिया के एक वर्ग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे हैं।
दिल्ली पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन को लेकर सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। नई दिल्ली क्षेत्र में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मध्य दिल्ली को 12 जोन में बांटकर हर जोन की जिम्मेदारी डीसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री समेत कई जगहों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। जंतर-मंतर और दिल्ली हवाई अड्डे पर भी भारी बैरिकैडिंग की गई है।
प्रस्तावित प्रदर्शन नीट, सीबीएसई और सीयूईटी सहित प्रमुख परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़ा है। पार्टी प्रवक्ताओं के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग करने और परीक्षा संबंधी विवादों पर कार्रवाई की मांग करने के उद्देश्य से किया गया है। इससे पहले दिपके ने घोषणा की थी कि वह 6 जून को भारत लौटेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे।
दिपके महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। उन्होंने हाल ही में बोस्टन विश्वविद्यालय से जनसंपर्क में 2 वर्षीय स्नातकोत्तर डिग्री पूरी की है। 2020 से 2023 तक दिपके ने आम आदमी पार्टी के साथ काम किया, जहां वे सोशल मीडिया प्रबंधन और चुनाव अभियान गतिविधियों में शामिल थे।
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