नईदिल्ली,07 जून(आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को लगे चुनावी झटके के बाद विपक्षी गठबंधन इंडिया में हलचल तेज हो गई है। गठबंधन ने कल दिल्ली में अहम बैठक बुलाई है। कांग्रेस ने दावा किया है कि इसमें 23 पार्टियां शामिल होंगी। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने बताया कि इंडिया 8 जून को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा, जिसमें 23 राजनीतिक दलों के भाग लेने की संभावना है।
जयराम ने कहा, कुछ दलों ने अपने-अपने कारणों से शामिल होने में असमर्थता जताई है, लेकिन उन्होंने मोदी सरकार की उन का कड़ा विरोध व्यक्त किया है, जो लाखों भारतीयों से वोट देने का अधिकार छीन रही हैं, संविधान पर हमला कर रही हैं, एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं, करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचा रही हैं, युवाओं की उम्मीदों के साथ विश्वासघात कर रही हैं, निवेश के माहौल को कमजोर कर रही हैं।
बैठक में शामिल होने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली रवाना हो गई हैं। विधानसभा चुनावों में टीएमसी की हार के बाद विपक्षी गठबंधन की यह पहली बैठक है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी भी दिल्ली पहुंच गए हैं। बता दें कि चुनावी नतीजों के बाद ममता ने ही गठबंधन की बैठक करने की कवायद शुरू की थी।
गठबंधन की प्रमुख सहयोगी द्रविड़ मुन्नेत्र कडग़म (डीएमके) ने बैठक से दूरी बना ली है। ये फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने थलापति विजय की तमिलगा वेत्री कडग़म को समर्थन दे दिया था। तब कांग्रेस के इस कदम को डीएमके नेताओं ने पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया था। बता दें कि चुनाव से पहले राज्य में डीएमके की सरकार थी, जिसे कांग्रेस का समर्थन था।
5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद ये गठबंधन की पहली बैठक है। डीएमके और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नाराजगी और आम आदमी पार्टी के गठबंधन के बाहर होने के चलते ये विपक्षी एकता के लिए भी अहम है। उत्तर प्रदेश समेत कुछ बड़े राज्य में विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच बेहतर तालमेल और नेतृत्व पर स्थिति को लेकर भी बैठक में चर्चा की उम्मीद है।
जनता दल यूनाइटेड नेता संजय झा ने इंडिया में टूट के लिए अरविंद केजरीवाल और ममता को जिम्मेदार ठहराया है। जब उनसे पूछा गया कि नीतीश कुमार ने गठबंधन क्यों छोड़ा तो उन्होंने कहा, 2 लोगों ने गठबंधन खत्म कर दिया- ममता और केजरीवाल। मैं ये नहीं कह रहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार प्रोजेक्ट हो गए थे, लेकिन एक सहमति बन गई थी लेकिन इन दोनों ने कहा था कि एक दलित नेता होना चाहिए।
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