नई दिल्ली,10 जून(आरएनएस)। टीएमसी के विधायकों के बाद पार्टी सांसदों ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है. पार्टी के 28 सांसदों में से 19 सांसदों ने विद्रोह कर दिया है. इन सभी सांसदों के नाम सामने आ गए हैं. इनमें से कई नाम चौंकाने वाले हैं. इन सांसदों के नाम सामने आए हैं. काकोली घोष (बारासात), जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार), खलीलुर्रहमान (जंगीपुर), यूसुफ पठान (बेरहामपुर), अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद), पार्थ भौमिक (बैरकपुर), बापी हलधर (मथुरापुर), सयोनी घोष (जादवपुर), माला रॉय (कोलकाता दक्षिण), मिताली बाग (आरामबाग), दीपक अधिकारी (घाटल), कालीपद सोरेन (झारग्राम), जून मालिया (मेदिनीपुर), अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा), डॉ शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व), शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल), असित कुमार मल (बोलपुर), शताब्दी रॉय (बीरभूम) और रचना बनर्जी (हुगली) शामिल हैं।
इनमें से सायोनी घोष का नाम चौंकाने वाला बताया जा रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान काबा-मदीना सॉन्ग गाकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं. इसी दौरान उन्होंने लोगों से कहा था कि चुनाव से पहले बीजेपी कहती है …वादा करो नहीं छोड़ोगे मेरा साथ… और फिर चुनाव के बाद– क्या हुआ तेरा वादा…. खतम टाटा बाय बाय.
सायोनी की तरह ही शत्रुघ्न सिन्हा का भी नाम अचरज से भरा है. किसी ने भी यह नहीं उम्मीद की थी कि वह टीएमसी का साथ छोड़ेंगे. शत्रुघ्न सिन्हा लगातार मोदी पर हमलावर रहते थे. बल्कि भाजपा से बागी होकर वह निकले थे. लेकिन अब एक बार फिर से ऐसा लग रहा है कि वह भाजपा में लौटना चाहते हैं.
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने पार्टी के बागी सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर राजनीतिक नैतिकता की कमी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबंध रखने और संकट के समय पार्टी कार्यकर्ताओं को छोडऩे का आरोप लगाया.
बनर्जी ने कहा कि बागी सांसदों को दिल्ली से दावे करने के बजाय अपने चुनाव क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं का सामना करना चाहिए. उन्होंने कहा, मैं हर सांसद को अपने चुनाव क्षेत्र में जाने, टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ बैठने और उनका सामना करने के लिए कहूंगा.
पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर राजनीतिक दमन का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने दावा किया कि प्रशासन विपक्षी कार्यकर्ताओं और नेताओं को परेशान कर रहा है. उन्होंने कहा, उन कार्यकर्ताओं का साथ देना हमारी जिम्मेदारी है जिन्हें परेशान किया जा रहा है और सड़कों पर नहीं आने दिया जा रहा है. इसके बजाय वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं. हम बहुत खुश हैं कि दोहरे चरित्र वाले लोग चले गए हैं.
कल्याण बनर्जी ने तृणमूल के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय की तारीफ की. उन्होंने कहा कि सुखेंदु शेखर ने कम से कम यह नैतिकता तो दिखाई कि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और सांसद पद से भी, ऐसा ही सभी बागी सांसदों को करना चाहिए.
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि उनका गुट ही असली तृणमूल है. उन्होंने इसी के साथ तृणमूल के कांग्रेस में विलय की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया. ऋतब्रता का यह बयान पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की कांग्रेस नेताओं के साथ मुलाकात और उनके नीत गुट के भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच आया है. ऋतब्रता ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में बागी गुट के विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64 हो गई है. उन्होंने कहा कि उनके नीत गुट को पार्टी के ज्यादातर विधायकों और बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन हासिल है और वे तृणमूल कांग्रेस के बैनर तले ही काम करते रहेंगे.
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