लखनऊ 11 जून (आरएनएस )। मानसून के मद्देनजर जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने नाला सफाई अभियान में तेजी ला दी है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर गुरुवार को अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव और अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे नाला सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने सफाई कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जोन-7 क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने मिनी स्टेडियम के पास स्थित नाले, सेक्टर-25 से गुजरने वाले नाले तथा शक्तिनगर ढाल के समीप बैरल संख्या-3 का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नालों की सफाई तली झाड़ तक सुनिश्चित की जाए ताकि बरसात के दौरान जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर नालों की कवरिंग की गई है, वहां कवर हटाकर पूरी तरह सफाई कराई जाए और कार्य पूर्ण होने के बाद कवर को व्यवस्थित ढंग से पुन: स्थापित किया जाए।निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में सफाई कार्य कराया जा रहा है, वहां कम से कम दो स्थानीय नागरिकों से कार्य की गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक लिया जाए और उसका रिकॉर्ड भी संधारित किया जाए। साथ ही नालों से निकाली गई सिल्ट को तत्काल हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में उसे सड़क या नाले के किनारे लंबे समय तक न छोड़ा जाए।वहीं अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव ने जोन-8 क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। उन्होंने परिवहन नगर स्थित एस.एस. पैलेस से शहीद पथ, इसरार क्रेन सर्विस से एच.पी. पेट्रोल पंप, पार्किंग स्थलों के सामने स्थित नालों और यूनिक पब्लिक स्कूल से स्प्रिंग डेल मोड़ तक चल रहे सफाई कार्यों की समीक्षा की। इसके अलावा रजनीखण्ड, रतनखण्ड, रत्नागिरी कॉम्प्लेक्स, आवासीय विद्यालय क्षेत्र, लोकबंधु चौराहा, एलडीए पार्किंग, शनि मंदिर, अंबेडकर भवन, लोहिया विधि संस्थान, शक्ति चौराहा, विधि विश्वविद्यालय गेट तथा सीआरपीएफ क्षेत्र के आसपास चल रहे नाला सफाई कार्यों का भी निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान डॉ. राव ने कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त चैंबरों का संज्ञान लेते हुए उनके पुनर्निर्माण के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई केवल औपचारिकता न होकर पूरी गुणवत्ता के साथ की जानी चाहिए ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत मिल सके।नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के सभी जोनों में नाला सफाई कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है और जहां भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का उद्देश्य मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाना है।
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