जबलपुर 12 June (Rns) : केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खरीद-बिक्री को लेकर एक सख्त और नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) और व्यावसायिक (कमर्शियल) खरीदारों के आम पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सरकार ने यह पाबंदी शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की है। इस समय सीमा के दौरान फैक्ट्रियों, मॉल, अस्पतालों या टेलीकॉम टावर जैसे बड़े और संस्थागत उपभोक्ताओं को रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) से तेल नहीं दिया जाएगा। इन सभी को अपनी जरूरत का ईंधन केवल अधिकृत बल्क सेल पॉइंट्स (थोक बिक्री केंद्रों) से ही बाजार मूल्य पर उठाना होगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
जबलपुर पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के पदाधिकारी अली असगर ने बताया कि मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव और संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं। आम जनता को इस भारी महंगाई से सुरक्षित रखने के लिए सरकारी तेल कंपनियों ने आम पेट्रोल पंपों पर दाम नहीं बढ़ाए, लेकिन थोक (बल्क) ग्राहकों के लिए दरों में इजाफा कर दिया।
नतीजतन, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां, टेलीकॉम टावर संचालक और उद्योग घाटे से बचने के लिए आम पेट्रोल पंपों से ही भारी मात्रा में डीजल-पेट्रोल खरीदने लगे। इससे आम वाहन चालकों के लिए तेल की किल्लत होने लगी और आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ने लगा। इसी विसंगति और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है

