New Delhi 14 June /- देश के ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शत-प्रतिशत इथेनॉल ईंधन को कानूनी मान्यता देने से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस निर्णय के बाद भविष्य में पूरी तरह इथेनॉल से चलने वाले वाहन भारतीय सड़कों पर वैधानिक रूप से संचालित किए जा सकेंगे। इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
आयातित ईंधन पर खर्च कम करने की तैयारी
भारत लंबे समय से अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी कच्चे तेल पर निर्भर रहा है। इसके कारण हर वर्ष देश को भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। सरकार का मानना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देकर इस आर्थिक बोझ को धीरे-धीरे कम किया जा सकता है। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि देश के कृषि और जैव ईंधन क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में देश के भीतर ही वैकल्पिक ईंधनों का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में इथेनॉल तथा अन्य जैव ईंधनों की भूमिका मजबूत होगी। सरकार का लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना है
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