-आसन प्राणायाम से मस्तिष्क में बढ़ता प्राण ऊर्जा का प्रवाह
अयोध्या 19 जून (आरएनएस ) डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सरदार वल्लभभाई पटेल वाटिका में निर्धारित सामान्य योग प्रोटोकॉल का चौथे दिन पूर्वाभ्यास किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम श्योग फॉर हेल्दी एजिंगश् का उद्देश्य योग द्वारा बढ़ती उम्र में स्वयं को सक्रिय एवं स्वस्थ बनाए रखना है। अभ्यास सत्र ब्रह्मनाद घोष एवं प्रार्थना के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने सामान्य योग प्रोटोकॉल में निर्धारित योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि योगिक क्रियाओं से बौघ्द्धिक विकास के साथ ही सोचने, समझने, सीखने की क्षमता बढ़ती है। योग क्रिया मस्तिष्क की बनावट और उसकी कार्यक्षमता को सकारात्मक रूप से उर्जावान बनाती है। एकाग्रता से जब हम योग, प्राणायाम का अभ्यास करते हैं तो मस्तिष्क में प्राण ऊर्जा का प्रवाह बढऩे लगता है। इससे अशांत हुए मन को एकाग्र करने में सहायता मिलती है। कुलपति ने बताया कि आसन, प्राणायाम और ध्यान से मस्तिष्क में ग्रे-मैटर का घनत्व बढ़ता है, जो मस्तिष्क में सीखने और स्मरण शक्ति के लिए उत्तरदायी होता है। योग से मानसिक स्पष्टता आती है। जब मन शांत और भ्रम से मुक्त होता है, तो व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी सही और तार्किक निर्णय लेने में सक्षम होता है। योग व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार बन सकता है। कार्यक्रम का संचालन योग विभाग के सहायक आचार्य अनुराग सोनी द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में योग दिवस की सहभागिता को लेकर उत्साह एवं जागरूकता का वातावरण निर्मित हो रहा है। इस अवसर पर कुलानुशासक प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. विनोद श्रीवास्तव, डॉ अंकुर श्रीवास्तव,आलोक तिवारी, गायत्री वर्मा, दिवाकर पाण्डेय, ब्रह्मानंद गुप्ता, राकेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में योगाभ्यास में सक्रिय सहभागिता किया।
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