पुणे,22 जून(आरएनएस)। पोर्शे कार दुर्घटना मामले के नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पुणे पुलिस ने उनकी जमानत रद्द कराने के लिए अदालत का रुख किया है। पुलिस का दावा है कि विशाल अग्रवाल ने देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा दी गई राहत की शर्तों का साफ तौर पर उल्लंघन किया है। सरकारी वकील के माध्यम से शिवाजीनगर सत्र न्यायालय में यह याचिका दायर की गई है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होने के आसार हैं। यह पूरी कानूनी कवायद सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो के बाद शुरू हुई है, जिसमें विशाल अग्रवाल अपने परिजनों के साथ जश्न के माहौल में नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद आम जनता में भारी आक्रोश देखा गया और जांच व्यवस्था पर भी उंगलियां उठीं।
वीडियो पर पुलिसिया कार्रवाई और अभियोजन पक्ष के तर्क
इंटरनेट पर वीडियो के प्रसारित होने के बाद पुणे पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए। राज्य के विधि विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि गंभीर आरोपों में जमानत मिलने के बाद इस प्रकार सार्वजनिक रूप से उत्सव मनाना मामले से जुड़े गवाहों को डराने या प्रभावित करने जैसा है। पुलिस का तर्क है कि इस व्यवहार से गवाहों पर मानसिक दबाव बन सकता है, जो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई शर्तों का सीधा उल्लंघन है।
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