मुंबई,22 जून(आरएनएस)। महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के परिणामों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने एक बार फिर अपना सियासी लोहा मनवाया है। कुल 17 सीटों पर हुए इस चुनावी समर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के त्रिशूल ने 16 सीटों पर परचम लहराकर विपक्षी खेमे को पस्त कर दिया है। हालांकि, नासिक सीट के नतीजों ने सत्तारूढ़ गठबंधन के स्वाद को थोड़ा फीका कर दिया, जहां भाजपा के ही एक बागी नेता ने निर्दलीय ताल ठोकते हुए आधिकारिक शिवसेना प्रत्याशी को शिकस्त दे दी। इस इकलौती हार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की रणनीतिक विफलता के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इन 17 सीटों में से छह पर पहले ही निर्विरोध फैसला हो चुका था, जबकि बाकी बची 11 सीटों के परिणाम सोमवार को सार्वजनिक किए गए, जिनमें अकेले भाजपा ने नौ सीटों पर एकतरफा जीत हासिल की है।
इस पूरे चुनाव में नासिक सीट का मुकाबला सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा, जहां मुख्यमंत्री गुट के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को निर्दलीय प्रत्याशी गोकुल गिट्टे के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा। गोकुल गिट्टे मूल रूप से भाजपा से जुड़े थे, लेकिन टिकट न मिलने के बाद उन्होंने बगावत कर दी थी। गठबंधन ने अपनी साख बचाने के लिए पार्षदों की बाड़ेबंदी करते हुए उन्हें ठाणे के एक आलीशान होटल में भी रोका था, फिर भी भीतरघात को नहीं रोका जा सके। दूसरी ओर, महायुति ने राज्य के अन्य गढ़ों में शानदार प्रदर्शन किया है। चुनावी मैदान में जीत दर्ज करने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में नांदेड़ से भाजपा के अमरनाथ राजूरकर, नागपुर उपचुनाव से डॉ. राजीव पोतदार, भंडारा-गोंदिया से अविनाश ब्रह्मांकर, छत्रपति संभाजीनगर-जालना से सुहास शिरसाट और जलगांव से नंदकिशोर महाजन शामिल हैं। इसके अलावा सांगली-सातारा से पेशेंस कदम, सोलापुर से राजेंद्र राउत, धाराशिव-लातूर-बीड से बसवराज पाटिल और अमरावती से प्रवीण पोटे भी विजयी रहे, जबकि परभणी-हिंगोली सीट पर शिवसेना के सईद खान ने परचम लहराया।
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