बेंगलुरु,28 जून(आरएनएस)। बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने बेंगलुरु के संस्थापक माने जाने वाले नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को एक ही दिन में 15 लाख स्थानीय पौधे लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया.
बीडीए के एक अधिकारी ने बताया कि इन पौधों की गिनती के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 1,000 से अधिक लोगों को लगाया था, और ऑफिशियल सर्टिफिकेट रविवार को जारी किया जाएगा.
इससे पहले जुलाई 2024 में, मध्य प्रदेश के इंदौर ने सिर्फ 12 घंटे में 12.40 से ज़्यादा पौधे लगाकर यही कामयाबी हासिल की थी.
इस बड़े अभियान में हजारों नागरिकों, स्टूडेंट्स, सरकारी अधिकारियों, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स, गैर-सरकारी संगठनों, कॉर्पोरेट स्वयंसेवक और पर्यावरण संगठनों ने ग्रीन और लंबे समय तक बेंगलुरु को बनाए रखने की इस मुहिम में पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया.
बीडीए द्वारा तय किए गए अलग-अलग ग्रीन एरिया में पौधे लगाए गए, जिनमें नादप्रभु केम्पेगौड़ा लेआउट, बनशंकरी सिक्स्थ फेज, शिवराम कारंत लेआउट, ऑक्सीजन ट्री पार्क, मियावाकी फॉरेस्ट वगैरह शामिल हैं.
इस दौरान आम, कटहल, नीम, बरगद, मिलेटिया पिन्नाटा, बिल्व, जंगली आम, महोगनी, अलग-अलग तरह के पौधे और जैव विविधता में मदद करने वाले पौधों समेत 350 से ज़्यादा देसी और दवा वाले पौधे लगाए गए. इसका मकसद पर्यावरण की रक्षा करना, भूजल बढ़ाना और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना है. इस अभियान की शुरुआत एक घर, एक मेडिसिनल प्लांट के मोटो के साथ की गई थी.
सभी पौधों को जियो-टैग किया गया है, और उनकी ग्रोथ को ऑनलाइन मॉनिटर किया जा सकता है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के 1,000 से ज़्यादा लोगों ने पौधों की गिनती की है. अधिकारी ने बताया कि कॉर्पोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी फंड का इस्तेमाल करके, तीन साल तक पौधों की देखभाल की जि़म्मेदारी एनजीओ को दी गई है. इन पौधों को बीडीए पानी देगा.
बीडीए अध्यक्ष एनए हैरिस ने कहा, 15 लाख देसी पौधे लगाना बीडीए के सबसे अहम पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम में से एक है. हम विकास के हर चरण पर वहनीयता अपनाकर शहरी नियोजन को एक नई दिशा दे रहे हैं. हमारा मिशन है कि अच्छी तरह से सुसज्जित और पर्यावरण के अनुकूल बस्तियां हों.
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