मदुरई 29 June (Rns) । तमिलनाडु में अब गैंगरेप के आरोपी के साथ वैसा बर्ताव नहीं होगा जैसा नाबालिग के साथ भागने के मामले में आरोपी युवा के साथ होता है। बार-बार पीछा करने वाले (स्टॉकर) की निगरानी पहली बार आरोपी बने व्यक्ति की तरह नहीं की जाएगी।
तमिलनाडु पुलिस के ‘स्पेक्ट्रम’ प्रोजेक्ट का यही मकसद है। इसे साउथ जोन में शुरू किया गया है ताकि यौन अपराधियों को उनके जोखिम के आधार पर वर्गीकृत और ट्रैक किया जा सके। इस प्रोजेक्ट में मदुरै, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन और कन्याकुमारी समेत दक्षिण के 10 जिले शामिल हैं।

