सिवनी/लखनादौन 7 जुलाई (आरएनएस)। जिले के लखनादौन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित अंधे हत्या कांड का पुलिस ने महज कुछ दिनों में खुलासा कर दिा है। पुलिस जांच में सामने आया कि जादू-टोना की आशंका और जमीन-जायदाद के विवाद के चलते एक युवक ने अपने ही चाचा की हत्या की साजिश रची थी। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन एवं एक मोटरसाइकिल जब्त की है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी लखनादौन अपूर्व भलावी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक के.पी. धुर्वे के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मामले का सफल खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार 3 जुलाई 2026 को ग्राम सिहोरा स्थित तालाब किनारे 42 वर्षीय मोहनलाल गोल्हानी का शव उथले पानी में पड़ा मिला था। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में हत्या कर शव को तालाब किनारे फेंके जाने की आशंका के आधार पर प्रकरण दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई।
भतीजे ने दी हत्या की सुपारी
विवेचना के दौरान मृतक के भतीजे राहुल गोल्हानी पर संदेह होने पर उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपनी खराब तबीयत के लिए चाचा पर जादू-टोना कराने का संदेह करता था। साथ ही जमीन-जायदाद में चाचा को अधिक हिस्सा मिलने से भी वह नाराज था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने चाचा की हत्या कराने के लिए आकाश महोबिया से डेढ़ लाख रुपये में सौदा किया।
पुलिस के अनुसार 2 जुलाई की रात आकाश महोबिया अपने तीन साथियों धर्मेन्द्र अहिरवार, प्रियांशु यादव और आशीष काकोडिया के साथ सिहोरा पहुंचा। इस दौरान आरोपी गीता बाई ने मृतक की लोकेशन उपलब्ध कराई। राहुल ने डीएपी खाद दिलाने का बहाना बनाकर अपने चाचा को तालाब के पास बुलाया, जहां पहले से मौजूद चारों आरोपियों ने गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी और शव को तालाब किनारे फेंककर फरार हो गए।
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में राहुल गोल्हानी, गीता बाई, आकाश महोबिया, धर्मेन्द्र अहिरवार, आशीष काकोडिया तथा प्रियांशु यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल तथा छह मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूरे हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक के.पी. धुर्वे सहित विशेष जांच दल के अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है।
यह मामला पारिवारिक रंजिश, अंधविश्वास और संपत्ति विवाद के घातक परिणाम का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसे लखनादौन पुलिस ने त्वरित जांच और साक्ष्यों के आधार पर सफलतापूर्वक सुलझा लिया।
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