0-मुंबई स्थित ठिकानों पर तलाशी, विदेशी बैंक खातों और अघोषित संपत्तियों की जांच तेज
मुंबई,10 जुलाई(आरएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन के मामले में फिल्म निर्माता एवं कारोबारी धर्मेश नरेंद्र संगानी और उनकी कंपनी कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को ईडी की टीम ने मुंबई स्थित उनके परिसरों पर तलाशी अभियान चलाकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए। जांच अघोषित विदेशी संपत्तियों, विदेशी बैंक खातों और निर्यात से प्राप्त राशि भारत नहीं लाने के आरोपों से जुड़ी है।
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड से संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि संगानी के कनाडा, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात में कथित रूप से अघोषित बैंक खाते हैं। इसके अलावा कनाडा की एक कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी होने की भी जानकारी मिली है, जिसकी संबंधित भारतीय एजेंसियों को जानकारी नहीं दी गई थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि विदेशी खरीदारों से प्राप्त निर्यात राशि निर्धारित अवधि के भीतर भारत नहीं लाई गई। साथ ही अधिकृत बैंक से समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध भी नहीं किया गया, जो फेमा के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाता है।
ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान धर्मेश संगानी ने कथित रूप से अपना मोबाइल फोन इमारत की 13वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया, ताकि उसमें मौजूद संभावित साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। हालांकि जांच दल ने मोबाइल बरामद कर लिया है। इस संबंध में ईडी ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
धर्मेश संगानी अभिनेता शेखर सुमन के साथ मिलकर शेखर सुमन फिल्म अकादमी के सह-संस्थापक हैं। वे जीबीएम स्टूडियो के माध्यम से फिल्म एवं टेलीविजन प्रशिक्षण और निर्माण गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। हाल ही में उनके बैनर संग ब्रदर्स मोशन पिक्चर्स के तहत शेखर सुमन का यूट्यूब आधारित रात्रिकालीन वार्ता कार्यक्रम शेखर टू-नाइट तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम शेखर सुमन के चर्चित पुराने कार्यक्रम मूवर्स एंड शेखर्स का नया संस्करण माना जा रहा है और अपने राजनीतिक व्यंग्य के कारण चर्चा में है।
धर्मेश संगानी का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। वर्ष 2016 में ब्रिटेन की सीमा सुरक्षा एजेंसी ने उनके पास से लगभग 7.4 किलोग्राम स्वर्ण आभूषण जब्त किए थे। आरोप था कि उन्होंने आभूषणों की वास्तविक मात्रा घोषित नहीं की थी। इसके अतिरिक्त वे वित्तीय लेन-देन से जुड़े एक मामले में अमेरिकी सीमा शुल्क अधिकारियों की जांच के दायरे में भी रहे हैं।
फिलहाल ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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