ऋषिकेश,10 जुलाई(आरएनएस)। एसआरएचयू में शुक्रवार को क्लीनिकल रिसर्च कैटलिस्ट: एक्सीलरेटिंग साइंस फ्रॉम प्रपोजल टू पेशेंट विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। जिसमें देशभर से आए चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं शिक्षाविदों ने इसमें भाग लेकर क्लीनिकल रिसर्च के उभरते आयामों, नई तकनीकों तथा भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। जौलीग्रांट स्थित एसआरएचयू में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने किया। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध वैज्ञानिक परंपरा और आधुनिक अनुसंधान का प्रभावी समन्वय स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
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