नईदिल्ली,11 जुलाई(आरएनएस)। पंजाब में कांग्रेस के नेतृत्व में चल रही खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात की है। इसके बाद बघेल ने कहा है कि पार्टी नेतृत्व में कोई झगड़ा नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हटाने पर कोई चर्चा नहीं हुई है, जिसकी मांग चन्नी कर रहे हैं। आइए जानते हैं क्या संकट टल गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चन्नी ने बघेल से कहा कि 2 शर्तों पर पूरा विवाद सुलझ सकता है। पहली- वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया जाए और दूसरी- चन्नी को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर 2027 विधानसभा चुनाव लड़े जाए और टिकट वितरण में भी उनकी राय मानी जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि बघेल ने दोनों शर्तों पर असहमति जताते हुए कहा कि ये सब केवल आलाकमान ही तय कर सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सिंह बाजवा ने आलाकमान को नई नियुक्ति वाले फैसले की समीक्षा करने की मांग की। विधायक प्रगट सिंह ने बघेल को लेकर कहा इंटरव्यू देने के बजाय कांग्रेस को बचाना चाहिए। चन्नी ने कहा कि कांग्रेस के हित में वडि़ंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए। सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि कांग्रेस को डुबोने वाला प्रधान नहीं चाहिए। बैठक के बाद चन्नी बिना कोई बयान दिए ही चले गए।
बैठक के बाद बघेल ने कहा, आलाकमान से किसी की कोई नाराजगी नहीं है। सभी साथियों से मुलाकात हुई, उन्होंने अपनी बात रखी है। मैंने सभी साथियों को विश्वास दिलाया है कि मैं सभी के हितों का खयाल रखूंगा। कोई ये न सोचे कि उसके ऊपर किसी बड़े नेता का हाथ है। अगर वो जीतने लायक है तो उसे निश्चित रूप से टिकट मिलेगा। बघेल ने कहा कि वंडिग को पद से हटाने पर कोई चर्चा नहीं हुई।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बैठक में कोई खास सहमति नहीं बन सकी और ज्यादातर समय माहौल गरम ही रहा। चन्नी को केवल 2-3 नेताओं के साथ आने को कहा था, लेकिन वे शक्ति प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों नेताओं को लेकर पहुंचे। बैठक से ठीक पहले बघेल ने वडिंग से मुलाकात की। बैठक के बाद भी वे वडिंग की कार में बैठकर ही हवाई अड्डे तक गए। कहा जा रहा है कि पूरा मामला अब आलाकमान के पास जाएगा।
कांग्रेस ने 1 जुलाई 2026 को घोषणा की थी कि वडिंग पंजाब इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने के कारण चन्नी नाराज हो गए। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ बैठक की और बघेल के चंडीगढ़ पहुंचने पर स्वागत तक नहीं किया। कथित तौर पर वे सीधे राहुल गांधी से मिलना चाहते थे, लेकिन राहुल अभी विदेश दौरे पर हैं।
1 जुलाई: कांग्रेस ने चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का प्रमुख और वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। 2 जुलाई: चन्नी समर्थकों ने फैसले पर नाराजगी जताई। अगले दिन चन्नी के आवास पर समर्थकों की बैठक हुई। 4 जुलाई: वडिंग ने भी अपने समर्थकों के साथ बैठक की। 5 जुलाई: विवाद बढ़ता देख कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजा। 7 जुलाई: बघेल ने कई लोगों के साथ बैठक की, लेकिन चन्नी ने दूरी बनाए रखी।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

