– नये छात्रावासों का सितम्बर से होगा संचालन, बनेगी नई एसओपी
देहरादून,11 जुलाई(आरएनएस)। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में गतिमान विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रत्येक माह प्रगति समीक्षा की जायेगी। निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण न करने वाले कार्यदायी संस्थाओं के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। साथ ही राजकीय महाविद्यालयों में संचालित एवं नव निर्मित छात्रावासों का संचालन आगामी एक सितम्बर से प्रारम्भ करना होगा। इससे पूर्व छात्रावास संचालन की एसओपी तैयार की जायेगी। एनईपी-2020 के प्रावधानों के तहत राज्य में स्वायत्तता हेतु प्रस्तावित दो दर्जन राजकीय महाविद्यालयों की प्रक्रिया में तेजी लाई जायेगी।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें विभागीय उच्चाधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में डॉ. रावत ने सूबे के राजकीय महाविद्यालयों में निर्माणाधीन भवनों, कक्षा-कक्षों, छात्रावासों, पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं एवं सामुदायिक केन्द्र के निर्माण की प्रगति संबंधी समीक्षा की। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को नियत समय पर निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये, साथ ही उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में लेटलतीफी एवं गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव निर्माण कार्यों की प्रत्येक माह समीक्षा करेंगे। उन्होंने राज्य में एनईपी-2020 के तहत प्रस्तावित दो दर्जन महाविद्यालयों के स्वायत्तता प्रस्तावों की सभी औपचारिकताएं पूर्ण करते हुये शीघ्र यूजीसी को भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वायत्तता संबंधी मामलों की निदेशक स्वयं मॉनिटिरिंग करेंगे। विभिन्न जनपदों के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में निर्माणाधीन बालक एवं बालिका छात्रावासों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश देते हुये डॉ. रावत ने कहा कि आगामी एक सितम्बर से सभी नव निर्मित छात्रावासों को संचालन शुरू किया जाय, साथ छात्रावासों के प्रबंधन एवं मैस संचालन आदि कार्यों के लिये एक एसओपी भी तैयार की जाय। इसके अलावा उन्होंने पूर्व में स्वीकृत जिन महाविद्यालयों हेतु भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है, उनके लिये भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।
विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने अधिकारियों को छात्र संघ चुनाव नियत समय पर कराने एवं छात्राओं के लिये छात्र संघ में 50 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने प्रत्येक महाविद्यालयों के प्राचार्यों से योग प्रशिक्षकों के कार्यों का फीडबैक लेने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा बीवीआरसी पुरूषोत्तम, संयुक्त सचिव प्रदीप मोहन नौटियाल, निदेशक उच्च शिक्षा वी.एन.खाली, संयुक्त निदेशक संगीता गुप्ता के अलावा ब्रिडकुल, पेयजल निर्माण निगम, मण्डी परिषद, सिंचाई सहित अन्य कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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