प्रयागराज,12 जुलाई (आरएनएस )। रविवार को गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का 84 वां जन्मोत्सव राष्ट्रोत्कर्ष दिवस के रूप में मनाया गया।
पुरी पीठ के प्रयागराज केंद्र श्री शिवगंगा आश्रम झूसी में इस अवसर पर प्रात: 7 बजे से रुद्राभिषेक तत्पश्चात 100 बार श्री हनुमान चलीसा का पाठ संकीर्तन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन कर भंडारा आयोजित किया गया। इस दौरान विचार गोष्ठी में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एम एन एन आईटी) के प्रोफेसर लक्ष्मीकांत मिश्र ने पुरी शंकराचार्य के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुरी शंकराचार्य अध्यात्म ज्ञान विज्ञान क्षेत्र के ध्रुव तारे हैं। उनकी विद्वता का लोहा दुनिया मानती है। दर्शन विज्ञान व्यवहार के मापदंडों पर पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के वक्तव्य अकाट्य हैं।
वक्ता के एन पांडेय ने कहा कि पुरी शंकराचार्य का जीवन धर्मानुकूल आचरण के लिए त्याग तपस्या की प्रतिमूर्ति है। रिटायर्ड आईपीएस अशोक शुक्ला ने कहा कि पुरी शंकराचार्य सनातन धर्म के सूर्य हैं।
बाक्स
संगम क्षेत्र में हुआ प्रसाद वितरण
प्रयागराज। जन्मोत्सव के अवसर पर चरण वंदन फाउंडेशन संस्था की ओर से पुरी शंकराचार्य के जन्मोत्सव के अवसर पर संगम क्षेत्र में बूँदी प्रसाद का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं को शीतल जल भी पिलाया गया। पुरी शंकराचार्य के स्वस्थ एवं दिर्घायु की कामना की गई। इस अवसर पर आचार्य रामजस द्विवेदी, बीपी सिंह, अजय पाण्डेय, संतोष त्रिपाठी, आचार्य मनोज तिवारी, मनोज त्रिपाठी, पूनम कुशवाहा, शशि प्रकाश दुबे, सुरेंद्र पांडेय, विवेक मिश्र, अंकुर, विजय पांडेय, आदि शिष्य उपस्थित रहे।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

