मुंबई 15 Jully (Rns) । महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शरद पवार गुट (एनसीपी-एसपी) के नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों के बाद राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने और एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बैठक में सांगली जिले की उरण-इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, इस मुलाकात के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
इसी दिन सत्तारूढ़ एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने भी मुख्यमंत्री से अलग से मुलाकात की। हालांकि, दोनों बैठकों को एक-दूसरे से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित नेताओं ने इस पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने दावा किया है कि केंद्र सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को पारित कराने के लिए एनसीपी (एसपी) और डीएमके जैसे दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।
सरकार 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में यह विधेयक पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और नए परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान किया गया है।
चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में एनसीपी (एसपी) और डीएमके से इस विधेयक का समर्थन नहीं करने की अपील की। उनका कहना है कि मौजूदा परिसीमन का प्रस्ताव उन राज्यों के साथ अन्याय करेगा, जिन्होंने राष्ट्रीय जनसंख्या नीति का प्रभावी ढंग से पालन करते हुए जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया है। उन्होंने राज्यों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
फिलहाल मुख्यमंत्री आवास पर हुई इन बैठकों को लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में इन मुलाकातों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इसके असर पर सभी की नजर बनी हुई है

