क्रासर- प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार किये गये विभिन्न ट्रेडों के कौशल माडल एवं तकनीकी प्रशिक्षण का किया अवलोकन
चित्रपरिचय:- तकनीकी प्रशिक्षण का अवलोकन करती सीडीओ। चित्रसंख्या-02
सीतापुर 15 जुलाई (आरएनएस)। विश्व युवा कौशल दिवस पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सीतापुर को विविध कार्यक्रमों का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य विकास अधिकारी डा0 दीक्षा जोशी सीतापुर एवं नगर विकास राज्यमंत्री के प्रतिनिधि द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वन्दना के साथ हुआ। उनके द्वारा जनपद के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार किये विभिन्न ट्रेडों के कौशल मॉडल एवं तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। जिसकी सभी अतिथियों ने सराहना करते हुये प्रशिक्षुओं की तकनीकी दक्षता, नवाचार एवं रचनात्मक सोच की प्रशंसा की गयी। कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष व्याख्यान में उद्योग विशेषज्ञों एवं अतिथियों ने युवाओं को आधुनिक औद्योगिक तकनीकों, डिजिटल कौशल, कृत्रिम बुद्विमत्ता (ए0आई0), उद्यमता, रोजगार की बदलती आवश्यताओं तथा व्यक्तित्व विकास के महत्व से अवगत कराया गया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी दक्षता और सतत् कौशल उन्ययन सफलता की सबसे बड़ी कुन्जी है। इस अवसर पर संस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 44 प्रशिक्षुओं जो क्रमश: डी0आर0डी0ओ, बी0एच0ई0एल0, रेलवे लोको पायलट, बी0आर0ओ0 इत्यादि विभागों में नियोजित तथा स्वरोजगार स्थापित प्रशिक्षुओं को मुख्य विकस अधिकारी महोदया एवं प्रतिनिधि द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही सभी प्रशिक्षुओं को निरन्तर सीखने, नवाचार अपनाने तथा अपने कौशल को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री नगर विकास द्वारा नामित जनप्रतिनिधि ऋषभ राठौर एवं मुख्य विकास अधिकारी, राहुल गोड, जिला सेवायोजन अधिकारी सीतापुर तथा उद्योग जगत के संतोष कुमार सिंह, प्रबन्धक कार्मिक एवं प्रशासन दि सक्सेरिया बिसवां शुगर फैक्ट्री लि0 सीतापुर, एम खॉन, प्रतिनिधि मधु इण्डिया डेको लि0 अटरिया सीतापुर, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने सहभागिता कर युवाओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कोई भी कार्य छोटा एवं बड़ा नहीं होता है। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षणरत प्रशिक्षुओं को मेहनत एवं लगन से प्रशिक्षण ग्रहण करने एवं संस्थान में तैनात अनुदेशकों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण देने पर बल दिया। प्रधानाचार्य डा0 नुपूर कश्यप ने कहा कि विश्व युवा कौशल दिवस एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं को आत्म निर्भर, सक्षम और रोजगारोन्मुख बनाने का संकल्प है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

