-‘फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजीÓ विषय पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग में छात्र संवाद कार्यक्रम
अयोध्या 9 नवंबर (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी, इंडिया के चैप्टर सोसाइटी के समन्वयक प्रो. शैलेन्द्र कुमार द्वारा फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी विषय पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग में छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रख्यात सूक्ष्मजीव विज्ञानी और अध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी, इंडिया के प्रो. अरविन्द देशमुख ने बताया कि बिना सूक्ष्मजीवों के जीवन संभव नहीं है, इसके लिए उन्होंने नोटोबिओटिक एनिमल का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि आज सूक्ष्मजीव विज्ञान पारंपरिक प्रयोगशाला विधियों से आगे बढ़कर डेटा-आधारित और एकीकृत वैज्ञानिक दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से प्रमुख फोकस क्षेत्रों और रुझानों पर चर्चा की – जैसे आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलें, एकल कोशिका प्रोटीन, प्रोबायोटिक्स, कार्सिनोजेन्स, पेटेंट (आनंद मोहन चक्रवर्ती द्वारा तैयार किये गए सुपर बग), पर्यावरण प्रदूषण (प्लास्टिक) और इसका समाधान, जैव संचय आदि। मानव माइक्रोबायोम और व्यक्तिगत चिकित्सा अनुसंधान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हमारे शरीर में रहने वाले सूक्ष्मजीव प्रतिरक्षा, चयापचय और विभिन्न बीमारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हैं। यह समझ व्यक्तिगत उपचार और सटीक निदान को नई दिशा दे रही है। रोगाणुरोधी प्रतिरोध – एएमआर पर देशमुख ने कहा कि बैक्टीरियोफेज और औषधीय पौधों पर आधारित वैकल्पिक उपचारों का उल्लेख किया। जैव प्रौद्योगिकी और औद्योगिक अनुप्रयोग उन्होंने बताया कि सिंथेटिक बायोलॉजी जैसी तकनीकों के साथ, सूक्ष्मजीवों को अब इस तरह से संशोधित किया जा रहा है कि सूक्ष्म जीव विज्ञान प्रदूषण नियंत्रण और मृदा स्वास्थ्य में सहायक हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में सूक्ष्मजीव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। आने वाले वर्षों में सूक्ष्मजीव विज्ञान नए वैज्ञानिक क्षितिज खोलेगा। डॉ रंजन सिंह ने बताया कि डॉ. बाबा साहब मराठवाड़ा विश्वविद्यालय प्रो. अरविन्द देशमुख जैव प्रौद्योगिकी, बायोलीचिंग, बायोनैनो प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण शोध किया है। प्रो. देशमुख का स्वागत प्रो शैलेंद्र कुमार ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया। व्याख्यान में डा. सोनी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में डॉ. अंकुर श्रीवास्तव, डॉ. आज़ाद पटेल, डॉ ओमप्रकाश, डॉ. नीलम यादव, डॉ. अनिल कुमार, प्रो. फर्रुख जमाल, नवोदिता, प्रियंका गरिमा, आदर्श सहित माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्मेसी एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग के समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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