विकासनगर,19 नवंबर (आरएनएस)। चकराता क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी ने दस्तक दे दी है। सर्दी का असर लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर दिखने लगा है। सर्दी के चलते शाम होते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। इन दिनों क्षेत्र का न्यूनतम तापमान गिरकर छह डिग्री पर पहुंच गया है। बीते एक सप्ताह से चकराता में ठंड का अहसास होने लगा है। दोपहर तक खिली धूप में ठंड कुछ कम होती है, लेकिन शाम चार बजते ही सर्दी बढऩे लगती है। दोपहर बाद चलने वाली सर्द हवाएं लोगों को घरों में कैद होने को मजबूर कर देती हैं। शाम होने से पहले ही बाजार भी सुनसान हो जाता है। शाम को ज्यादा सर्दी होने के कारण दुकानें भी समय से पहले ही बंद हो रही हैं। सर्दी से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों के साथ हीटर, अंगीठी या अलाव का सहारा लेने लगे हैं। धूप जाते ही लोग ठंड बढ़ रही है। बुधवार को चकराता का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री दर्ज किया गया। सर्दी बढऩे से सबसे ज्यादा परेशानी मजदूरों को हो रही है। सर्दी के कारण उनका काम सुबह देरी से शुरू होता है। शाम को उन्हें जल्दी काम खत्म करना पड़ता है। इससे उनकी कमाई पर प्रभाव पड़ रहा है। वहीं, सर्दी के कारण लोगों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
पछुवादून में भी बढ़ी ठिठुरन
पहाड़ों पर बढ़ी ठंड का असर मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। सुबह-शाम चल रही सर्द हवाओं के साथ दिन में ठिठुरन बढऩे लगी है। क्षेत्र में पड़ रही ठंड को देखते हुए निकाय प्रशासन बेसहारा लोगों के लिए रैन बसेरा व अलाव की व्यवस्था के लिए तैयारी में लगा है। तीनों निकायों में अपना स्थायी रैन बसेरा न होने के कारण मंदिर की धर्मशालाओं में रैन बसेरा बनाने को लेकर मंदिर समिति को प्रस्ताव दिए गए हैं। एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि तीनों निकायों को दिसंबर माह की शुरुआत से ही अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

