अज्ञानता और तृष्णा ही दुखों का मूल कारण है
प्रयागराज 1 मई (आरएनएस)। यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड जसरा स्थित ग्रामसभा कांटी में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में बूथ जीतो चुनाव जीतो अभियान के तहत सेक्टर बूथ गठन हेतु आसपा के पूर्व जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में बैठक की गई। इस बैठक में सादगीपूर्ण ढंग से बुद्ध पूर्णिमा यानी पूरी दुनिया को मानवता का संदेश देने वाले विश्व गुरू तथागत बुद्ध की जन्म जयंती भी मनाई गई।
बुद्ध जयंती पर कैडर बैठक को संबोधित करते हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने बताया कि बौद्ध धर्म का मूल श्रोत कार्यकारण का सिद्धांत है जिसे प्रतीत्यसमुत्पाद भी कहा जाता है। कार्यकारण का सिद्धांत का अर्थ है कि कोई भी घटना या वस्तु स्वतंत्र नहीं है? हर चीज़ किसी कारण या स्थिति से उत्पन्न होती है और कारण के नष्ट होने पर परिणाम भी नष्ट हो जाता है अर्थात बिना कारण के कुछ नहीं होता। शुभ कार्य से सुखद और अशुभ कार्य से दु:खद परिणाम मिलता है। अज्ञानता और तृष्णा ही दुखों का मूल कारण है। इस नियम को समझकर ही मनुष्य कर्मों को बदलकर दु:ख से मुक्ति निर्वाण प्राप्त कर सकता है।
आईपी रामबृज ने बताया कि बुद्धिज़्म का कार्यकारण का सिद्धांत ही आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की उत्पत्ति का मूल कारण है। जहां सामाजिक न्याय, समानता और भारतीय संविधान की रक्षा के साथ समतामूलक समाज की स्थापना करना है।
कैडर बैठक में विधानसभा अध्यक्ष मुकेश पासी, सूरज कुमार, विकास कुमार, शशि कांत, राम करन, राम संजीवन चौधरी, गुड्डी, राम सखी, प्रेमा देवी, बेला देवी, कलावती, राम रती, रामकली, मनो देवी, मीरा देवी, कामिनी देवी, माया देवी के साथ सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।
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