कानपुर 10 मई (आरएनएस)। मदर्स डे के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में मां के सम्मान, उनकी भूमिका और नशा मुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम में योग गुरु ज्योति बाबा ने कहा कि मां को बोझ नहीं, बल्कि बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की मां सिर्फ घर तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑफिस और परिवार दोनों की जिम्मेदारी निभा रही है।ज्योति बाबा ने कहा कि मां को “मैनेजर नहीं, इंसान” समझने की जरूरत है और इस मदर्स डे पर सबसे बड़ा उपहार यही होगा कि लोग नशे की आदतों को छोड़ें। उन्होंने कहा, “मां के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट यही है कि पान मसाला और नशा छोड़ दिया जाए।”कार्यक्रम में बताया गया कि आज की महिलाएं घर और काम दोनों जगह दोहरी जिम्मेदारी निभा रही हैं, इसलिए उनके कंधों से बोझ कम करना जरूरी है। विशेषज्ञों ने भी मां के योगदान को सम्मान देने और उन्हें एक दिन की राहत देने की अपील की।संगोष्ठी में नशा मुक्ति को लेकर संकल्प भी दिलाया गया और लोगों से अपील की गई कि वे अपनी आदतों को सुधारकर परिवार और समाज को बेहतर बनाएं।
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