-ज्ञापन लेने किसी अधिकारी के न आने से नाराज़ वामपंथियों ने एसडीएम कार्यालय पर ज्ञापन चस्पा किया
अयोध्या 15 मई (आरएनएस)। 15 मई को अखिल भारतीय मनरेगा मजदूरों ने ग्रामीण हड़ताल का आयोजन किया तथा गांवों में अपनी ग्रामसभा के ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें देश भर के मजदूर समर्थन और एकता के रूप में मनरेगा मजदूरों के साथ शामिल हुए। वामदलों ने भी इस हड़ताल के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता और समर्थन व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन तहसील सदर स्थित उप जिलाधिकारी सदर के कार्यालय के सामने चस्पा किया। बड़े खेद के साथ कहना पड़ रहा है जनपद के जिम्मेदार अधिकारी जन समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं। पूर्व सूचना के बावजूद कोई भी अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए तहसील सदर पर उपस्थित नहीं था। लगभग दो घंटे प्रतीक्षा करने के बाद विवश होकर उप जिलाधिकारी के कार्यालय के सामने ज्ञापन चस्पा करना पड़ा। यह पहली बार नहीं था इसके पूर्व भी इसी तरह ज्ञापन सौंपने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा है। इसके लिए शीघ्र ही वामदलों का प्रतिनिधि मण्डल जिलाधिकारी से मिलेगा। ज्ञापन के माध्यम से वीबी ग्राम जी अधिनियम को वापस लेने और इसे अधिक सशक्त कर नये रूप में पुन: लागू करने, सशक्त मनरेगा के तहत 200 दिन का रोजगार तथा 700 रूपए प्रति दिन की मजदूरी देने, ग्रामसभाओं को सशक्त बनाकर उन्हें मनरेगा कार्यों और उनके क्रियान्वयन का प्रमुख भागीदार बनाए जाने, मजदूरों को काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की गारंटी देने और 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर सभी मजदूरों को दस हजार रुपए पेंशन दिए जाने आदि की मांग की गई है। इस अवसर पर भाकपा जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी, माकपा जिला सचिव अशोक यादव, फारवर्ड ब्लाक जिला संयोजक हरीशचंद्र श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश खेत मजदूर संगठन के महामंत्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह, एसकेएम जिला संयोजक मया राम वर्मा, किसान नेता मया राम वर्मा, ओमप्रकाश यादव, नीरज रावत, मीना देवी, किरन, आशीष पटेल आदि मौजूद रहे।
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