वाशिंगटन,07 जून। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढऩे के साथ ही खबरें सामने आ रही हैं कि अमेरिका ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को खाड़ी देशों को सौंपने की तैयारी कर रहा है। कथित तौर पर ये कदम ईरानी हमलों में हुए नुकसान की मरम्मत और पुनर्निर्माण में मदद के लिए उठाया जा रहा है। इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने इस योजना के बारे में जानकारी दी है।
मामले से परिचित एक सूत्र ने बताया कि अमेरिकी सरकार ईरानी हमलों के परिणामस्वरूप भविष्य में होने वाले नुकसान की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए ईरानी संपत्तियों को निर्देशित करने का प्रयास करेगी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक टीम को ईरान द्वारा खाड़ी देशों को पहुंचाए गए नुकसान की लागत का आकलन करने और यह विचार करने का निर्देश दिया है कि क्या उन मरम्मत कार्यों के लिए ईरानी संपत्तियों का उपयोग किया जा सकता है।
हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने कहा था कि शांति समझौते की दिशा में प्रगति अमेरिका द्वारा फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों की रिहाई पर निर्भर करती है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ईरानी संपत्तियों का उपयोग न केवल भविष्य के पुनर्निर्माण के लिए, बल्कि खाड़ी सहयोगियों को हो चुके नुकसान की भरपाई के लिए भी किया जा सकता है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार को तेहरान पहुंचे और उन्होंने विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत ईरानी अधिकारियों से बातचीत की। रिपोर्ट के मुताबिक, नकवी ने कहा कि वे अपने देश के सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री का सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के लिए एक विशेष पत्र लेकर आए हैं। पाकिस्तान ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे टकराव को खत्म करने के लिए अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
ईरान के नेतृत्व ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बीच मुलाकात की संभावना को खारिज कर दिया है। ईरानी नेता के एक वरिष्ठ सलाहकार ने कहा है कि जब तक तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत ठप है, तब तक ऐसी मुलाकात नहीं होगी। रेजाई ने कहा, ऐसा नहीं होगा। अभी हम बातचीत के पहले चरण में हैं और ट्रंप ने इस प्रक्रिया को रोक दिया है। इसलिए ऐसी कोई बैठक नहीं होगी।
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