फ्लोरिडा,07 जून। अमेरिकी सेना ने रविवार सुबह ईरान के दो ड्रोनों को मारकर गिरा दिया. यूएस सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि नष्ट किए गए ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बने थे. इन हमलों से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है. इस बीच पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे हैं.
यूएस सेंट्रल कमांड के शनिवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के दो ऐसे अटैक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया जो होर्मुज में कमर्शियल शिपिंग लेन के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे.
इस सैन्य टकराव से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है. ईरान द्वारा मिसाइलों और मानवरहित हवाई वाहनों से उस अहम समुद्री रास्ते और कुवैत व बहरीन जैसे खाड़ी देशों को निशाना बनाने के ठीक एक दिन बाद ही इस घटना ने मौजूदा युद्धविराम व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है.
यूएस सेंट्रल कमांड ने अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी दी कि आज पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना ने ईरान के दो ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ को मार गिराया. इनसे होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरा था. अमेरिकी सेना ईरानी आक्रामकता का मुकाबला करने और बचाव जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है.’ मिलिट्री कमांड ने कहा, ‘अमेरिकी सेनाएं ईरानी आक्रामकता के खिलाफ बचाव जारी रखने के लिए तैयार स्थिति में हैं.’
ड्रोन को रोकने की यह घटना पश्चिमी एशिया के अहम शिपिंग रास्तों पर अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का हिस्सा है. इससे मौजूदा युद्धविराम की नाज़ुक स्थिति सामने आई है और इलाके में तनाव बढऩे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता पैदा हो गई.
तनाव का यह दौर शनिवार की शुरुआत में तब शुरू हुआ, जब अमेरिकी सेना ने अहम होर्मुज के पास गोरुक और केशम द्वीप पर मौजूद ईरान के तटीय रडार ठिकानों पर टारगेटेड हमले किए. यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार यह मिलिट्री ऑपरेशन सुबह होने से ठीक पहले तब शुरू किया गया जब ईरान के उन ड्रोन को रोका गया, जिन्हें उस अहम समुद्री रास्ते पर समुद्री ट्रैफिक के लिए खतरा माना जा रहा था.
उन रडार हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइलें दागी. सुरक्षा की स्थिति पर बात करते हुए कुवैत के अधिकारियों ने पुष्टि की कि 7 बैलिस्टिक मिसाइलें आबादी वाले इलाकों के ऊपर से गुजरी. इससे इमारतों को तो नुकसान पहुंचा लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ.
वहीं बहरीन ने अपने पब्लिक वॉर्निंग सायरन चालू कर दिए और लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक आधिकारिक बयान में दावा किया गया कि उनके जवाबी हमलों ने खाड़ी के दोनों देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया.
हालांकि अमेरिकी सेना ने इस अंदाजे को गलत बताया और कहा कि आने वाली छह मिसाइलों को इलाके के एयर डिफेंस ने रोक लिया, जबकि एक और मिसाइल अपने टारगेट तक नहीं पहुंच पाई. वहीं दूसरी ओर युद्ध विराम को लेकर बातचीत का सिलसिला जारी है. पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए अपने सक्रिय राजनयिक कोशिशें जारी रखे हुए है.
इस मीडिएशन ट्रैक के हिस्से के तौर पर पाकिस्तान के होम मिनिस्टर मोहसिन नकवी शनिवार को तेहरान पहुँचे और उनके पास ईरानी मीडिया ने ईरान के सुप्रीम लीडर, मोजतबा खामेनेई के लिए पाकिस्तान की मिलिट्री और पॉलिटिकल लीडरशिप का एक खास मैसेज बताया.
युद्धविराम के सामने आ रही चुनौतियां अब खाड़ी क्षेत्र से आगे कई मोर्चों पर फैल रही है, खासकर लेबनान में. वहां देश के दक्षिणी इलाके में एक सैन्य वाहन पर हुए इजराइली हमले में लेबनान की सेना के तीन सदस्यों (जिनमें दो अधिकारी भी शामिल थे) की मौत हो गई.
इजराइली अधिकारियों ने कहा कि वे इस घटना के हालात की जांच कर रहे हैं. लेबनान का यह सक्रिय मोर्चा अमेरिका-ईरान कूटनीति के व्यापक दायरे से और अधिक जुड़ गया है, क्योंकि तेहरान ने वॉशिंगटन के साथ चल रही बातचीत में प्रगति को इजराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच औपचारिक युद्धविराम से स्पष्ट रूप से जोड़ दिया है.
इसके उलट इजराइल ने सैन्य अभियान जारी रखने और अपनी सेना की तैनाती बनाए रखने का इरादा जताया है. इन जटिल कूटनीतिक समीकरणों के बीच लेबनान की सेना के कमांडर जनरल रुडोल्फ हेकल पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख के खास निमंत्रण पर पाकिस्तान गए. इस दौरे ने उन क्षेत्रीय जानकारों का ध्यान खींचा है जो इस्लामाबाद से जुड़ी मौजूदा कोशिशों पर नजर रखे हुए हैं.
खाड़ी और लेबनान, दोनों जगहों पर जारी झड़पें उन बड़ी चुनौतियों को उजागर करती हैं जिनका सामना अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ कर रहे हैं. ये मध्यस्थ अस्थिर युद्धविराम को एक व्यापक और ज़्यादा टिकाऊ शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं.
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